स्वतंत्र छत्तीसगढ़ डेस्क -रायपुर
मुख्य बिंदु
- न्यू एज मीडिया में दक्षता को बताया समय की मांग
- जनसंपर्क कार्य को गंभीरता से लेने के निर्देश
- परिणाम आधारित मूल्यांकन प्रणाली लागू होगी
- तीन जिलों के अधिकारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश
- सुशासन तिहार के व्यापक प्रचार-प्रसार पर जोर
रायपुर, 24 अप्रैल 2026। जनसंपर्क आयुक्त रजत बंसल ने नवा रायपुर स्थित संवाद कार्यालय में आयोजित बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि वर्तमान समय में न्यू एज मीडिया की समझ और दक्षता बेहद आवश्यक हो गई है। उन्होंने कहा कि डिजिटल और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म अब जनसंपर्क का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुके हैं, इसलिए अधिकारियों को इन माध्यमों में दक्ष होकर काम करना होगा। बदलते तकनीकी परिवेश के अनुरूप खुद को अपडेट रखना ही प्रभावी जनसंपर्क की कुंजी है।
जिम्मेदारी और गंभीरता के साथ निभाएं दायित्व
आयुक्त ने कहा कि जनसंपर्क अधिकारी शासन और जनता के बीच एक महत्वपूर्ण सेतु होते हैं, इसलिए उनका कार्य अत्यंत जिम्मेदारीपूर्ण है। उन्होंने सभी अधिकारियों को अपने कर्तव्यों के प्रति गंभीर रहने और किसी भी प्रकार की लापरवाही से बचने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अब हर अधिकारी के कार्य का मूल्यांकन उनके परिणामों के आधार पर किया जाएगा, जिससे जवाबदेही सुनिश्चित हो सके।
समन्वय से ही होगा प्रभावी संचार
बैठक में यह निर्देश भी दिए गए कि अधिकारी मंत्रियों, विभागीय सचिवों, विभागाध्यक्षों और जिला कलेक्टरों के साथ निरंतर संपर्क बनाए रखें। इससे सूचनाओं का समय पर आदान-प्रदान संभव होगा और शासन की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सकेगा। बेहतर समन्वय ही जनसंपर्क की सफलता का आधार है, इस पर विशेष जोर दिया गया।
सुशासन तिहार के प्रचार-प्रसार की रणनीति
आगामी सुशासन तिहार को लेकर तैयारियों की समीक्षा करते हुए आयुक्त ने कहा कि प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया के सभी माध्यमों का अधिकतम उपयोग किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि योजनाओं का प्रचार व्यापक स्तर पर हो, ताकि अधिक से अधिक लोग लाभान्वित हो सकें और शासन की योजनाएं जन-जन तक पहुंचें।
लापरवाही पर सख्ती, तीन अधिकारियों पर कार्रवाई
बैठक के दौरान आयुक्त ने स्पष्ट किया कि प्रचार-प्रसार कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने तीन जिलों के जनसंपर्क अधिकारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश भी दिए। साथ ही अधिकारियों को यह भी कहा गया कि वे योजनाओं से लाभान्वित हितग्राहियों के अनुभवों को वीडियो और समाचार माध्यमों से साझा करें, जिससे अन्य लोगों को भी प्रेरणा मिल सके।
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