बिलासपुर,स्वतंत्र छत्तीसगढ़:
हाइलाइट बॉक्स:
- शुरुआती जांच में आत्महत्या की आशंका, अब मामला हादसा बताया गया
- युवती ने बयान में कहा—प्रेमी को बचाने के दौरान हुआ हादसा
- युवक की मौके पर मौत, युवती की रीढ़ और कमर की हड्डी गंभीर रूप से टूटी
- डॉक्टरों की आशंका—भविष्य में चल पाना मुश्किल
- पुलिस हर पहलू से कर रही है मामले की जांच
क्या है पूरा मामला
बिलासपुर में मंगलवार रात हुए दर्दनाक हादसे ने अब नया मोड़ ले लिया है। पहले इस घटना को आत्महत्या के तौर पर देखा जा रहा था, लेकिन घायल युवती के होश में आने के बाद तस्वीर पूरी तरह बदल गई। युवती गरिमा सिंह ने पुलिस को दिए बयान में साफ किया कि यह आत्महत्या नहीं, बल्कि एक दुर्भाग्यपूर्ण हादसा था। जानकारी के मुताबिक, वह अपने दोस्त चिरंजीव उर्फ चिंटू पांडेय के साथ एक तीन मंजिला इमारत की छत पर बैठी थी, जहां दोनों बातचीत कर रहे थे।
कैसे हुआ हादसा
गरिमा के मुताबिक, दोनों छत की दीवार पर बैठे हुए थे और इस दौरान शराब का सेवन भी कर रहे थे। चिरंजीव काफी नशे में था और बार-बार संतुलन खो रहा था। अचानक उसका पैर फिसला और वह पीछे की ओर गिरने लगा। ऐसे में गरिमा ने उसे बचाने के लिए उसका हाथ पकड़ लिया, लेकिन नशे में धुत युवक का वजन संभाल पाना उसके लिए संभव नहीं हो पाया। देखते ही देखते दोनों तीन मंजिला इमारत से नीचे गिर गए। यह पूरा घटनाक्रम कुछ ही सेकंड में घटा, जिसने एक जिंदगी छीन ली और दूसरी को हमेशा के लिए बदल दिया।
हादसे का दर्दनाक अंजाम
इस हादसे में चिरंजीव की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गरिमा गंभीर रूप से घायल हो गई। उसकी रीढ़ और कमर की हड्डी पूरी तरह टूट चुकी है। डॉक्टरों ने आशंका जताई है कि वह भविष्य में शायद ही कभी अपने पैरों पर चल पाए। फिलहाल उसका इलाज एक निजी अस्पताल के आईसीयू में चल रहा है। परिवार और करीबियों के लिए यह स्थिति बेहद भावनात्मक और कठिन बनी हुई है।
पुलिस की जांच और बयान
छत्तीसगढ़ पुलिस के अनुसार, युवती का बयान दर्ज कर लिया गया है और उसने स्पष्ट किया है कि यह आत्महत्या का प्रयास नहीं था। सिरगिट्टी थाना प्रभारी किशोर केंवट ने बताया कि युवक का संतुलन बिगड़ने से यह हादसा हुआ। हालांकि, पुलिस अब भी हर पहलू से जांच कर रही है ताकि किसी भी तरह की आशंका को पूरी तरह खत्म किया जा सके।
एक लापरवाही, दो जिंदगियां बर्बाद
यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि नशे की हालत में छोटी-सी लापरवाही कितनी बड़ी त्रासदी में बदल सकती है। एक तरफ जहां एक युवक ने अपनी जान गंवा दी, वहीं दूसरी ओर एक युवती की जिंदगी हमेशा के लिए बदल गई। यह हादसा समाज के लिए भी एक कड़ा संदेश है कि सुरक्षा और संयम को नजरअंदाज करना कितना भारी पड़ सकता है।


