स्वतंत्र छत्तीसगढ़
🔶 हाइलाइट बॉक्स:
• दंतेवाड़ा के छिंदनार में सचिन तेंदुलकर ने किया मल्टी-स्पोर्ट्स ग्राउंड का उद्घाटन
• मुख्यमंत्री ने इसे “बदलते बस्तर” की नई पहचान बताया
• 50 गांवों में खेल मैदान विकसित करने की योजना
• बच्चों के साथ खेलकर सचिन ने बढ़ाया आत्मविश्वास
• खेल, शिक्षा और अनुशासन पर दिया विशेष जोर
बदलते बस्तर की नई तस्वीर
विष्णुदेव साय ने क्रिकेट के महानायक सचिन तेंदुलकर के दंतेवाड़ा दौरे को बस्तर के सकारात्मक बदलाव का प्रतीक बताया है। उन्होंने कहा कि सुदूर वनांचल क्षेत्र छिंदनार में सचिन का आगमन यह दर्शाता है कि बस्तर अब भय और असुरक्षा से निकलकर विकास और आत्मविश्वास की राह पर आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि इस तरह की पहल से यहां के युवाओं को नई दिशा और प्रेरणा मिलेगी।
खेल अधोसंरचना से मिलेगा नया अवसर
छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले के स्वामी आत्मानंद हिंदी मिडियम हाई स्कूल, छिंदनार में सचिन तेंदुलकर ने मल्टी-स्पोर्ट्स ग्राउंड का उद्घाटन किया। यह पहल सचिन तेंदुलकर फाउंडेशन और माणदेशी फाउंडेशन द्वारा संचालित ‘मैदान कप अभियान’ के तहत की गई है। इस अभियान के माध्यम से जनजातीय क्षेत्रों में बच्चों को आधुनिक खेल सुविधाएं उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे उनका सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सके।
बच्चों के साथ खेलकर बढ़ाया मनोबल
कार्यक्रम के दौरान सचिन तेंदुलकर ने बच्चों के साथ रस्साकशी, वॉलीबॉल, दौड़ और खो-खो जैसे खेलों में भाग लिया। उनके साथ उनकी पुत्री सारा भी मौजूद रहीं, जिन्होंने बच्चों का उत्साह बढ़ाया। इस दौरान बच्चों में टीम भावना, आत्मविश्वास और खेल भावना का विकास देखने को मिला। स्थानीय छात्रों ने सचिन को अपनी खेल गतिविधियों की जानकारी दी, जिससे उनका मनोबल और बढ़ा।
युवाओं को दिया सफलता का मंत्र
सचिन तेंदुलकर ने अपने संबोधन में कहा कि भविष्य के चैंपियन तैयार करने के लिए मजबूत खेल सुविधाएं जरूरी हैं। उन्होंने बच्चों को मेहनत, अनुशासन और निरंतर अभ्यास का महत्व समझाया और कहा कि सफलता के लिए शॉर्टकट से बचना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि खेल के साथ-साथ पढ़ाई में संतुलन बनाए रखना बेहद जरूरी है, तभी जीवन में संतुलित विकास संभव है।
50 गांवों में विकसित होंगे खेल मैदान
इस पहल के तहत बस्तर क्षेत्र के 50 गांवों में इसी तरह के खेल मैदान विकसित किए जाएंगे, जहां क्रिकेट के साथ फुटबॉल और कबड्डी जैसे खेलों को भी बढ़ावा मिलेगा। कार्यक्रम के अंत में विजेता प्रतिभागियों को सचिन तेंदुलकर के हाथों सम्मानित किया गया। अधिकारियों ने भी इसे बस्तर के युवाओं के लिए एक नई शुरुआत बताते हुए कहा कि सही अवसर मिलने पर यहां के बच्चे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना सकते हैं।
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