स्वतंत्र छत्तीसगढ़ डेस्क -धमतरी
मुख्य बिंदु :
- 192 आरक्षकों का बड़े पैमाने पर तबादला
- 2 साल से अधिक समय से एक ही स्थान पर पदस्थ कर्मियों को बदला गया
- पहली बार ‘च्वॉयस बेस्ड पोस्टिंग’ लागू
- पारदर्शिता और संतुलन पर विशेष जोर
- परिवार और शिक्षा सत्र को ध्यान में रखकर लिया गया निर्णय
प्रशासनिक मजबूती की दिशा में बड़ा कदम
धमतरी :छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में पुलिस प्रशासन को अधिक मजबूत और संतुलित बनाने के उद्देश्य से एक बड़ा प्रशासनिक निर्णय लिया गया है। पुलिस अधीक्षक सूरज सिंह परिहार के नेतृत्व में 2 वर्षों से अधिक समय से एक ही स्थान पर कार्यरत आरक्षकों का व्यापक स्तर पर तबादला किया गया है। इस प्रक्रिया के तहत कुल 192 आरक्षकों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं, जिससे विभागीय कार्यप्रणाली में नई ऊर्जा आने की उम्मीद जताई जा रही है।
पारदर्शी और व्यवस्थित प्रक्रिया पर जोर
इस बार स्थानांतरण प्रक्रिया को खास तौर पर पारदर्शी और व्यवस्थित बनाया गया। धमतरी, कुरुद और नगरी अनुभागों सहित पुलिस लाइन, यातायात, कंट्रोल रूम, एसपी कार्यालय, साइबर थाना, अजाक और महिला सेल के आरक्षकों से संवाद कर उनकी पसंद के तीन थाना/चौकी विकल्प लिए गए। इन्हीं विकल्पों और कार्य मूल्यांकन के आधार पर 121 और 71 आरक्षकों की दो अलग-अलग सूचियों में तबादले किए गए, जो विभागीय पारदर्शिता का संकेत देता है।
पहली बार च्वॉयस बेस्ड पोस्टिंग लागू
इस प्रक्रिया की सबसे खास बात यह रही कि आरक्षकों को गृह थाना और पिछली पोस्टिंग को छोड़कर तीन विकल्प देने की स्वतंत्रता दी गई। हालांकि जिन कर्मियों की विशेषज्ञता विशेष इकाइयों के लिए जरूरी थी, उन्हें प्रशासनिक जरूरतों के तहत यथावत रखा गया। इससे विभागीय कार्य प्रभावित न हो, इसका भी पूरा ध्यान रखा गया।
परिवार और शिक्षा को भी दी प्राथमिकता
स्थानांतरण का समय तय करते हुए यह सुनिश्चित किया गया कि कर्मचारियों के बच्चों का शैक्षणिक सत्र पूरा हो चुका हो। इस संवेदनशील पहल से यह स्पष्ट होता है कि प्रशासन ने केवल कार्यकुशलता ही नहीं, बल्कि कर्मचारियों के पारिवारिक जीवन को भी प्राथमिकता दी है, जिससे पुलिस बल में संतुलन बना रह सके।
कार्यकुशलता और मनोबल में होगा सुधार
एएसपी शैलेन्द्र पांडेय के अनुसार, यह पिछले एक वर्ष का सबसे बड़ा तबादला है। इस पहल से न केवल पुलिस प्रशासन की कार्यकुशलता बढ़ेगी, बल्कि बल के भीतर संतुलन, मनोबल और कार्य संतुष्टि में भी सकारात्मक सुधार देखने को मिलेगा। यह कदम भविष्य में बेहतर कानून व्यवस्था और सेवा गुणवत्ता सुनिश्चित करने में सहायक साबित हो सकता है।


