मुंबई / भारत
हाइलाइट बॉक्स:
• पश्चिम एशिया में तनाव के बावजूद भारत पहुंचा पहला कच्चे तेल का टैंकर
• सऊदी अरब के रास तनुरा पोर्ट से 13.5 लाख मीट्रिक टन कच्चा तेल लेकर आया जहाज
• स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ पार करते समय कुछ समय के लिए AIS ट्रांसपोंडर बंद किया गया
• मुंबई के जवाहर द्वीप पर डॉक, माहुल स्थित रिफाइनरियों को होगी आपूर्ति
पश्चिम एशिया तनाव के बीच भारत को बड़ी राहत
पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और समुद्री मार्गों को लेकर बनी अनिश्चितता के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। सऊदी अरब से कच्चा तेल लेकर आने वाला पहला बड़ा टैंकर सुरक्षित रूप से मुंबई तट पर पहुंच गया है। लाइबेरिया के झंडे वाला ऑयल टैंकर Shenlong 3 मार्च को सऊदी अरब के रास तनुरा पोर्ट से करीब 13.5 लाख मीट्रिक टन कच्चा तेल लेकर भारत के लिए रवाना हुआ था। तेल आपूर्ति के लिहाज से यह यात्रा खास मानी जा रही थी क्योंकि उस दौरान पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार और समुद्री सुरक्षा को लेकर आशंकाएं बढ़ गई थीं।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ पार करते समय बढ़ी थी सतर्कता
सूत्रों के अनुसार 8 मार्च को जब टैंकर ईरान के पास स्थित स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ के करीब पहुंचा, तब सुरक्षा कारणों से जहाज का Automatic Identification System (AIS) ट्रांसपोंडर कुछ समय के लिए बंद कर दिया गया था। यह वही समुद्री मार्ग है, जहां से दुनिया के बड़े हिस्से का तेल गुजरता है और हालिया क्षेत्रीय तनाव के कारण यहां निगरानी और सतर्कता बढ़ा दी गई थी। हालांकि 9 मार्च को AIS दोबारा सक्रिय कर दिया गया और जहाज ने अपनी यात्रा जारी रखते हुए सुरक्षित रूप से भारत की ओर बढ़ना शुरू कर दिया।
मुंबई तट पर सुरक्षित पहुंचा, रिफाइनरियों को मिलेगी आपूर्ति
करीब आठ दिन की समुद्री यात्रा के बाद 11 मार्च को यह विशाल तेल टैंकर मुंबई तट पर पहुंच गया और जवाहर द्वीप पर सफलतापूर्वक डॉक किया गया। यहां से टैंकर में लाया गया कच्चा तेल पूर्वी मुंबई के माहुल क्षेत्र में स्थित रिफाइनरियों को सप्लाई किया जाएगा। ऊर्जा क्षेत्र के विशेषज्ञों का मानना है कि इस टैंकर का सुरक्षित पहुंचना भारत की ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला के लिए सकारात्मक संकेत है, खासकर उस समय जब पश्चिम एशिया में तनाव के कारण वैश्विक तेल बाजार में अस्थिरता की आशंका बनी हुई है।
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