दुर्ग / छत्तीसगढ़
हाइलाइट बॉक्स:
- दुर्ग जिले में 5 एकड़ 62 डिसमिल जमीन पर अफीम की अवैध खेती का मामला
- निष्कासित बीजेपी नेता विनायक ताम्रकार सहित 3 आरोपी गिरफ्तार
- मक्के के खेत के बीच छिपाकर लगाए गए थे अफीम के पौधे
- जब्त फसल की अनुमानित कीमत करीब 8 करोड़ रुपये
- आरोपियों के खिलाफ NDPS एक्ट के तहत कार्रवाई
अवैध खेती की सूचना पर पुलिस की कार्रवाई
छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में अफीम की अवैध खेती के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए निष्कासित बीजेपी नेता विनायक ताम्रकार को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने इस मामले में उसके दो साथियों विकास बिश्नोई और मनीष ठाकुर को भी हिरासत में लिया है। जानकारी के अनुसार थाना पुलगांव क्षेत्र के अंतर्गत जेवरा–सिरसा चौकी के ग्राम समोदा, झेनझरी और सिरसा के बीच अफीम की खेती किए जाने की सूचना पुलिस को मिली थी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और मामले में जीरो एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।
मक्के के खेत में छिपाकर लगाए गए थे अफीम के पौधे
जांच के दौरान पुलिस ने पाया कि अफीम के पौधे बड़ी चतुराई से मक्के के खेत के बीच लगाए गए थे ताकि किसी को शक न हो। दुर्ग कलेक्टर के निर्देश पर अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), तहसीलदार और अतिरिक्त तहसीलदार की टीम ने मौके पर पहुंचकर भूमि अभिलेखों की जांच की। जांच में सामने आया कि कुल 5 एकड़ 62 डिसमिल भूमि पर अफीम की खेती की जा रही थी। अधिकारियों ने मौके पर मौजूद अफीम के पौधों की कीमत का आकलन किया, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 8 करोड़ रुपये बताई गई है।
तीन आरोपी गिरफ्तार, NDPS एक्ट के तहत कार्रवाई
पुलिस ने इस मामले में विनायक ताम्रकार (58 वर्ष) निवासी तेमरापारा, जिला दुर्ग, विकास बिश्नोई (27 वर्ष) निवासी ग्राम मटोडा, थाना मटोडा, जिला जोधपुर (राजस्थान) और मनीष ठाकुर (45 वर्ष) हाल मुकाम ग्राम समोदा, जिला दुर्ग को गिरफ्तार किया है। तीनों आरोपियों के खिलाफ NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। मामले में बीजेपी नेता का नाम सामने आने के बाद पार्टी ने भी सख्त कदम उठाते हुए प्रदेश महामंत्री नवीन मार्कंडेय के निर्देश पर विनायक ताम्रकार को पार्टी से निष्कासित कर दिया है।
राजनीतिक हलकों में मचा हड़कंप
इस पूरे मामले के सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में भी हलचल तेज हो गई है। प्रदेश के गृह मंत्री विजय शर्मा ने कहा है कि कानून से ऊपर कोई नहीं है और अवैध गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि इस मामले की गहराई से जांच की जा रही है और यदि इसमें अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उन पर भी कार्रवाई की जाएगी।
जांच जारी, अवैध खेती पर कड़ी नजर
पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम अब पूरे इलाके में जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं आसपास अन्य स्थानों पर भी अफीम की खेती तो नहीं की जा रही। अधिकारियों का कहना है कि अवैध मादक पदार्थों की खेती और तस्करी पर रोक लगाने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। स्थानीय प्रशासन ने किसानों और ग्रामीणों से भी अपील की है कि यदि कहीं भी इस तरह की अवैध गतिविधि दिखाई दे तो तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दें।
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