स्वतंत्र छत्तीसगढ़
मुख्य बिंदु
- पीएमश्री और शासकीय स्कूलों में निर्माण-मरम्मत कार्यों की समीक्षा
- बालिका शौचालय निर्माण को प्राथमिकता, 8 मार्च 2026 तक पूर्ण करने के निर्देश
- टेंडर आधारित बड़े कार्य अप्रैल 2026 के अंत तक पूरे करने की समय-सीमा
- नए शिक्षा सत्र से पहले अधूरे कार्य हर हाल में पूर्ण करने पर जोर
समयबद्ध कार्य पर सख्त निर्देश
कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने जिले के पीएमश्री और शासकीय स्कूलों में स्वीकृत निर्माण एवं मरम्मत कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण किए जाएं। कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित संयुक्त बैठक में उन्होंने फिनिशिंग स्तर पर चल रहे निर्माण, मरम्मत कार्यों तथा बालिका शौचालय निर्माण को 8 मार्च 2026 से पहले हर हाल में पूरा करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि विद्यालयीन अधोसंरचना की गुणवत्ता सीधे तौर पर बच्चों की शिक्षा और सुरक्षा से जुड़ी है, इसलिए किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी।
विभागीय समन्वय और मॉनिटरिंग पर जोर
बैठक में लोक निर्माण विभाग, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, नगरीय निकाय तथा जनपद पंचायत के अधिकारियों को संयुक्त रूप से कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि टेंडर आधारित एवं बड़े निर्माण कार्यों को अप्रैल 2026 के अंत तक अनिवार्य रूप से पूर्ण किया जाए और किसी भी परिस्थिति में अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि निर्माण की गुणवत्ता, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जाए, ताकि सार्वजनिक संसाधनों का सर्वोत्तम उपयोग हो सके।
नए शिक्षा सत्र से पहले अधूरे कार्य पूर्ण करने का लक्ष्य
कलेक्टर ने विशेष रूप से भूमि विवाद, डिस्मेंटल या अन्य कारणों से लंबित निर्माण कार्यों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नए शिक्षा सत्र के प्रारंभ होने से पहले सभी अधूरे कार्य पूर्ण कर लिए जाएं, जिससे विद्यार्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी हिमांशु भारती ने समग्र शिक्षा और स्कूल शिक्षा अंतर्गत स्वीकृत निर्माण कार्यों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ कुमार बिश्वरंजन, जिला मिशन समन्वयक अरुण कुमार शर्मा सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
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