रायपुर / छत्तीसगढ़
मुख्य बिंदु
- विधानसभा सत्र में कानून व्यवस्था पर तीखी बहस
- रायपुर के फार्म हाउसों में अवैध हुक्का, जुआ और रेव पार्टी की शिकायतें
- गृहमंत्री विजय शर्मा ने 2024-26 की कार्रवाई का ब्यौरा दिया
- कई संचालकों और आरोपियों पर कोटपा व जुआ एक्ट के तहत कार्रवाई
कानून व्यवस्था पर विधानसभा में घमासान
रायपुर में बिगड़ती कानून व्यवस्था और बढ़ते अपराधों को लेकर आज विधानसभा सत्र में विपक्ष ने सरकार को कठघरे में खड़ा किया। कांग्रेस विधायक चातुरी नंद ने राजधानी के फार्म हाउसों में कथित अवैध गतिविधियों, शराबखोरी और रेव पार्टियों का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने वर्ष 2024-25 से 30 जनवरी 2026 तक रायपुर जिले में संचालित फार्म हाउसों के नाम, संचालकों की जानकारी और की गई कार्रवाई का पूरा विवरण सदन में मांगा। जवाब में गृहमंत्री विजय शर्मा ने लिखित रूप से दर्ज शिकायतों और उन पर की गई कार्रवाई का ब्यौरा प्रस्तुत किया।
हुक्का और जुआ मामलों में कई कार्रवाई
सरकार द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार 25 अप्रैल 2024 को विधानसभा थाना क्षेत्र स्थित श्रीराम फार्म हाउस, पिरदा में अवैध रूप से हुक्का पिलाने के मामले में राजेंद्र कुमार कोली, सेम्युअल मसीह और नईम सैफी पर तंबाकू एवं अन्य उत्पाद अधिनियम 2003 के तहत कार्रवाई की गई। 1 से 15 नवंबर 2024 के बीच सतपाल फार्म हाउस, पिरदा में अवैध हुक्का संचालन पाए जाने पर शेखर यासम, शोएब आलम सहित अन्य के खिलाफ कोटपा अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज हुआ। इसी फार्म हाउस में 15 नवंबर 2024 को जुआ खेलते पाए जाने पर कई व्यक्तियों पर जुआ एक्ट के तहत कार्रवाई की गई। 3 सितंबर 2024 को भी इसी फार्म हाउस में अवैध हुक्का प्रकरण दर्ज किया गया।
आदित्य फार्म हाउस में दो बार कार्रवाई
तेलीबांधा थाना क्षेत्र के फुंडहर वीआईपी रोड स्थित आदित्य फार्म हाउस में 7 मई 2025 को पार्टी के दौरान अवैध हुक्का संचालन पर संचालक आकाश सारथी और विकास सिंह के खिलाफ कार्रवाई की गई। इसके बाद 15 सितंबर 2025 को दोबारा शिकायत मिलने पर आकाश सारथी और उनके मैनेजर हरनित सिंह चावला पर तंबाकू अधिनियम के तहत मामला दर्ज हुआ। इससे यह स्पष्ट होता है कि एक ही स्थान पर बार-बार नियम उल्लंघन की शिकायतें सामने आईं।
जेडी फार्म हाउस में प्रतिबंधात्मक कार्रवाई
18 दिसंबर 2025 को विधानसभा थाना क्षेत्र के जेडी फार्म हाउस, ग्राम पिरदा में गुंडागर्दी की सूचना पर संचालक अमन दुलानी सहित 15 पुरुषों और 7 महिलाओं के विरुद्ध प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई। गृहमंत्री ने सदन को बताया कि प्राप्त शिकायतों के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की गई है और भविष्य में भी अवैध गतिविधियों पर सख्त नजर रखी जाएगी।
विपक्ष के सवाल और सरकार का आश्वासन
विधानसभा में इस मुद्दे को लेकर तीखी बहस देखने को मिली। विपक्ष का कहना है कि राजधानी में फार्म हाउसों की आड़ में अवैध गतिविधियां बढ़ रही हैं, जिससे कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। वहीं सरकार ने स्पष्ट किया है कि प्राप्त शिकायतों पर समय-समय पर कार्रवाई की गई है और किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस बहस ने राजधानी में कानून व्यवस्था और निगरानी व्यवस्था को लेकर नई चर्चा छेड़ दी है।
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