जांजगीर /छत्तीसगढ़
हाइलाइट :
धान उपार्जन केंद्र निरीक्षण की रिपोर्ट दबाने के बदले मांगी गई थी रिश्वत, एसीबी बिलासपुर की कार्रवाई से प्रशासनिक हलकों में हड़कंप
रिपोर्ट दर्ज, जांच से हुआ खुलासा
एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) द्वारा चलाए जा रहे लगातार ट्रैप अभियान के तहत 4 फरवरी 2026 को एसीबी इकाई बिलासपुर ने जांजगीर-चांपा जिले के पामगढ़ में बड़ी कार्रवाई की। इस कार्रवाई में पामगढ़ की अतिरिक्त तहसीलदार करुणा आहेर और उच्चभट्टी के पटवारी आयुष कुमार ध्रुव को 35,000 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया। डीएसपी एसीबी बिलासपुर अजितेश सिंह ने बताया कि धान उपार्जन केंद्र चोरभट्टी के प्रभारी धीरेन्द्र कुमार कौशिक ने एसीबी में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें रिश्वत की मांग का स्पष्ट उल्लेख था।
रिपोर्ट दबाने के बदले मांगे गए 30 से 40 हजार रुपये
शिकायत के अनुसार, अतिरिक्त तहसीलदार करुणा आहेर ने धान उपार्जन केंद्र उच्चभट्ठी का निरीक्षण किया था और खरीदी कार्य में कथित खामियां बताते हुए पंचनामा तैयार किया। इसके बाद बड़े अधिकारियों को नकारात्मक रिपोर्ट न भेजने के एवज में 30 से 40 हजार रुपये की मांग की गई। शिकायतकर्ता से पटवारी आयुष कुमार ध्रुव के माध्यम से भी अलग से बातचीत करने को कहा गया। शिकायतकर्ता रिश्वत नहीं देना चाहता था, बल्कि आरोपियों को रंगे हाथ पकड़वाना चाहता था। सत्यापन के बाद शिकायत सही पाए जाने पर एसीबी ने ट्रैप की योजना बनाई।
रिश्वत लेते ही दबोचे गए आरोपी, राशि बरामद
4 फरवरी को शिकायतकर्ता ने 35,000 रुपये की व्यवस्था कर आरोपियों तक पहुंचाई। जैसे ही अतिरिक्त तहसीलदार और पटवारी ने रिश्वत की राशि स्वीकार की, पहले से तैनात एसीबी टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दोनों को पकड़ लिया। रिश्वत की पूरी राशि पटवारी आयुष कुमार ध्रुव के कब्जे से बरामद की गई है। एसीबी द्वारा दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7 के तहत कार्रवाई की जा रही है। एसीबी ने एक बार फिर आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी लोकसेवक द्वारा रिश्वत मांगे जाने पर तुरंत इसकी सूचना दें, ताकि भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सके।
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