रायपुर/छत्तीसगढ़
हाइलाइट बॉक्स
- रायपुर एयरपोर्ट से जल्द शुरू होगी अंतर्राष्ट्रीय एयर कार्गो सेवा
- 16 जून 2025 को हुआ त्रिपक्षीय समझौता
- उद्योग, व्यापार और निर्यात को मिलेगा सीधा वैश्विक मंच
- छत्तीसगढ़ को लॉजिस्टिक्स हब बनाने की दिशा में बड़ा कदम
सतत पहल से मिली बड़ी उपलब्धि
रायपुर लोकसभा सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल की निरंतर और प्रभावी पहल का सकारात्मक परिणाम अब सामने आ गया है। रायपुर स्थित स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट से शीघ्र ही अंतर्राष्ट्रीय एयर कार्गो सुविधा प्रारंभ होने जा रही है। यह सुविधा छत्तीसगढ़ के औद्योगिक, व्यापारिक और निर्यात क्षेत्रों के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि मानी जा रही है, जिससे राज्य के उत्पादों को सीधे वैश्विक बाजार तक पहुंच मिल सकेगी। इस महत्वपूर्ण जानकारी की पुष्टि लोकसभा में केंद्रीय नागर विमानन राज्य मंत्री श्री मुरलीधर मोहोल ने की।
त्रिपक्षीय समझौते के बाद तेज़ी से बढ़ा काम
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि रायपुर एयरपोर्ट पर अंतर्राष्ट्रीय एयर कार्गो सुविधा के विकास के लिए 16 जून 2025 को छत्तीसगढ़ सरकार, नागर विमानन मंत्रालय और AAICLAS के बीच त्रिपक्षीय समझौता संपन्न हो चुका है। समझौते के बाद आवश्यक अधोसंरचना विकास, तकनीकी प्रक्रियाओं और लॉजिस्टिक व्यवस्थाओं पर कार्य तेजी से प्रगति पर है। यह पहल राज्य के विमानन ढांचे को नई दिशा देने के साथ-साथ व्यापारिक गतिविधियों को भी मजबूती प्रदान करेगी।
लोकसभा में मजबूती से उठाया था विषय
गौरतलब है कि सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने लोकसभा में छत्तीसगढ़ के विमानपत्तनों की वर्तमान स्थिति और भविष्य की योजनाओं को लेकर विस्तारपूर्वक प्रश्न उठाए थे। उन्होंने रायपुर के साथ-साथ बिलासपुर, जगदलपुर, रायगढ़, कोरबा और अंबिकापुर जैसे प्रमुख हवाई अड्डों की परिचालन स्थिति, उड़ान मार्गों की संख्या, ‘उड़ान योजना’, कार्गो एवं सीमा शुल्क सुविधाएं, एमआरओ केंद्र की स्थापना और उद्योग-अनुकूल उड़ान नीति जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों को मजबूती से सरकार के समक्ष रखा। इसके उत्तर में मंत्री ने बताया कि रायपुर एयरपोर्ट से वर्तमान में 14 घरेलू गंतव्यों के लिए प्रति सप्ताह लगभग 380 उड़ानों का संचालन हो रहा है।
उद्योग, व्यापार और रोजगार को मिलेगा नया आधार
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय एयर कार्गो सुविधा शुरू होने से छत्तीसगढ़ के कृषि उत्पाद, खनिज आधारित उद्योग, स्टील, एल्यूमिनियम, हस्तशिल्प और अन्य औद्योगिक वस्तुएं सीधे अंतर्राष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच सकेंगी। इससे न केवल निर्यात को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि निवेश, पर्यटन और रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वय से रायपुर एयरपोर्ट आने वाले समय में छत्तीसगढ़ को एक सशक्त लॉजिस्टिक्स और कार्गो हब के रूप में स्थापित करेगा।


