छत्तीसगढ़
हाइलाइट (Top Highlight):
छत्तीसगढ़ में कड़ाके की ठंड से जनजीवन प्रभावित, तापमान सामान्य से 4.5°C नीचे; अंबिकापुर सबसे ठंडा रहा। मौसम विभाग ने 3 दिनों के लिए शीतलहर का यलो अलर्ट जारी किया है। कई जिलों में स्कूलों के समय बदले, चौक-चौराहों पर अलाव की व्यवस्था।
ठंड और शीतलहर ने बढ़ाई मुश्किलें
पश्चिमी हवा के साथ बर्फीली ठंड छत्तीसगढ़ में लगातार बढ़ रही है और लोगों का जनजीवन प्रभावित हो रहा है। प्रदेश के कई हिस्सों में इतनी ठिठुरन है कि लोग राहत के लिए सुबह-शाम अलाव का सहारा लेने को मजबूर हैं। मौसम विभाग ने चेतावनी देते हुए बताया कि अगले तीन दिनों तक प्रदेश में कड़ाके की शीतलहर जारी रहेगी, जिससे तापमान में और गिरावट देखने को मिल सकती है। नगर निगम की टीमें भी रात के समय सक्रिय की गई हैं ताकि बेघर और जरूरतमंदों को तत्काल राहत दी जा सके।
अंबिकापुर में सबसे कम पारा, कई जिलों में यलो अलर्ट
प्रदेश में तापमान लगातार नीचे जा रहा है और पारा सामान्य से लगभग 4.5 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया है। पठारी क्षेत्रों—मैनपाट, सामरीपाट और लहसुनपाट—में ठंड का असर सबसे अधिक है, जहां पारा तेजी से गिर रहा है। पिछले 24 घंटों में अंबिकापुर सबसे ज्यादा ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 5.2°C दर्ज किया गया। रायपुर में 11.5°C, पेंड्रा 8.6°C, दुर्ग 9.2°C, बिलासपुर 10.5°C और जगदलपुर 10.4°C दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने सरगुजा, कोरिया, जशपुर, सूरजपुर, बलरामपुर, मुंगेली, कबीरधाम, राजनांदगांव, दुर्ग, रायपुर, कोरबा समेत कई जिलों में शीतलहर का यलो अलर्ट जारी किया है।
तापमान और गिरेगा, स्कूल टाइम बदले, अलाव से राहत
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार ठंड अभी और बढ़ने वाली है, जिससे कई जिलों में स्कूलों के समय में बदलाव करना पड़ा है ताकि बच्चों को सुबह की कड़ी ठंड का सामना न करना पड़े। कई शहरों में नगर निगम ने प्रमुख चौक-चौराहों पर अलाव की व्यवस्था की है ताकि राहगीरों और गरीब-मजदूरों को ठंडी हवाओं में राहत मिल सके। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि इसी तरह ठंड जारी रही, तो आगामी दिनों में प्रदेश के कई इलाकों में कोहरा और अधिक घना हो सकता है, जिसका असर यातायात और दैनिक गतिविधियों पर भी पड़ेगा।
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