जशपुर /छत्तीसगढ़
- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जशपुर पुलिस के जनजागरूकता स्टॉल का किया अवलोकन और दी प्रशंसा
- नए आपराधिक कानूनों की सरल भाषा में जानकारी पाकर लोग उत्साहित
- आधुनिक तकनीक—DNA, फिंगरप्रिंट, वॉयस सैंपल—अब जांच को बना रहे अधिक पारदर्शी
- एसएसपी शशि मोहन सिंह ने बताया—“जनता बड़ी संख्या में रुचि ले रही है, कानून की समझ बढ़ रही है”
मुख्यमंत्री ने सराहा जशपुर पुलिस की पहल , कहा—“यह मॉडल लोगों को जागरूक करने का प्रभावी माध्यम” छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज ग्राम नारायणपुर पहुंचे , जहां जशपुर पुलिस द्वारा लगाए गए नवीन आपराधिक कानूनों पर आधारित जनजागरूकता स्टॉल का उन्होंने अवलोकन किया । स्टॉल में मौजूद सामग्री , प्रस्तुतीकरण और जागरूकता मॉडल को देखते हुए मुख्यमंत्री ने पुलिस टीम की सराहना की और कहा कि इस तरह की पहल आम नागरिकों तक नए कानूनों की जानकारी पहुँचाने में अत्यंत प्रभावी साबित होगी । मुख्यमंत्री ने यह भी कहा—“इस तरह की प्रदर्शनी और जागरूकता कार्यक्रम न सिर्फ लोगों को नए बदलावों से अवगत कराते हैं , बल्कि पुलिस और जनता के बीच विश्वास को भी मजबूत बनाते हैं ।”
लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बना स्टॉल , सरल भाषा में दी जा रही है जानकारी नारायणपुर में लगे इस स्टॉल ने कार्यक्रम में आए नागरिकों का खास ध्यान खींचा । पुलिस अधिकारी नए आपराधिक कानूनों के प्रावधानों को पोस्टर , मॉडलों और डिजिटल स्क्रीन के माध्यम से समझा रहे थे । आम लोग न सिर्फ जानकारी ले रहे थे , बल्कि कानूनों से जुड़े अपने प्रश्न भी पूछ रहे थे , जिनका जवाब अधिकारी सहज भाषा में दे रहे थे । नागरिकों ने बताया कि इस तरह की सीधी और सरल जानकारी से उन्हें नए कानूनी बदलावों को समझने में काफी सुविधा हो रही है ।
नए कानून—न्याय व्यवस्था को तकनीकी , त्वरित और पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा कदम पुलिस का यह स्टॉल नए आपराधिक कानूनों— • भारतीय न्याय संहिता Bharatiya Nyaya Sanhita • भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita • भारतीय साक्ष्य अधिनियम Bharatiya Sakshya Adhiniyam — की प्रमुख विशेषताओं को दर्शाता है ।
इन नए कानूनों में पीड़ित-केन्द्रित न्याय व्यवस्था , त्वरित न्याय की अवधारणा और अपराधियों के लिए कठोर सजा के प्रावधान शामिल किए गए हैं । इसके साथ ही ई-एफआईआर से लेकर न्याय तक सब प्रक्रियाओं को तय समय-सीमा में पूरा किए जाने का लक्ष्य रखा गया है ।
आधुनिक तकनीक—DNA , फिंगरप्रिंट और वॉयस सैंपल—बना रहे जांच को और प्रभावी नए प्रावधानों में आधुनिक तकनीकी साक्ष्यों की भूमिका को विशेष महत्व दिया गया है । DNA टेस्ट , फिंगरप्रिंट विश्लेषण और वॉयस सैंपल जैसी वैज्ञानिक विधियाँ अब न्यायिक प्रक्रिया में निर्णायक भूमिका निभा रही हैं । इससे जांच न केवल तेज , बल्कि ज्यादा सटीक और निष्पक्ष हो गई है । इन बदलावों का मुख्य उद्देश्य “दंड देना” नहीं , बल्कि “न्याय सुनिश्चित करना” है—जो भारतीय न्याय व्यवस्था की आधुनिक सोच को दर्शाता है ।
एसएसपी ने बताया—“लोग बड़ी संख्या में आ रहे , कानून के प्रति जागरूकता बढ़ रही” जशपुर एसएसपी शशि मोहन सिंह ने बताया कि लोग इस जागरूकता स्टॉल में उत्साहपूर्वक भाग ले रहे हैं । उन्होंने कहा—“नए कानूनों में जो बदलाव किए गए हैं , उन्हें पोस्टर , मॉडल और डिजिटल प्रस्तुति के माध्यम से सरल तरीके से समझाया जा रहा है । इससे लोगों में कानून के प्रति भरोसा और जागरूकता दोनों बढ़ रही है ।”
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