रायपुर : 31 अगस्त 2025,
रायपुर। छत्तीसगढ़ की धरती, संस्कृति और आत्मा को अपने शब्दों से जीवंत करने वाले सुप्रसिद्ध कवि केदार सिंह परिहार का आज निधन हो गया। उनके निधन की खबर से साहित्य जगत और प्रदेश में शोक की लहर है।
प्रदेश के गृहमंत्री विजय शर्मा ने गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा, “छत्तीसगढ़ ल छांव करें बर, मैं छानी बन जातेंव!! छत्तीसगढ़ की माटी, संस्कृति और आत्मा को अपने शब्दों में जीवंत करने वाले कवि श्री केदार सिंह परिहार जी अब हमारे बीच नहीं रहे। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करे और शोकाकुल परिवार को इस गहन दुःख को सहने की शक्ति दें।”
कवि परिहार का जन्म 7 मार्च 1952 को वर्तमान मुंगेली जिले के ग्राम पलानसरी में एक कृषक परिवार में हुआ था। उनके पिता स्व. भागवत सिंह परिहार और माता स्व. अंबिका सिंह थीं। प्रारंभिक शिक्षा उन्होंने दुर्ग जिले के ग्राम गाड़ामोर में प्राप्त की, जबकि हाई स्कूल की पढ़ाई बी.आर. साव हायर सेकेंडरी स्कूल, मुंगेली से पूरी की। इसके बाद उन्होंने एस.एन.जी. महाविद्यालय, मुंगेली से स्नातक की डिग्री ली और वर्ष 1975 में जांजगीर लॉ कॉलेज से एलएलबी की पढ़ाई पूरी की। अपने जीवनकाल में कवि परिहार ने छत्तीसगढ़ी साहित्य को नई पहचान दिलाई और जन-जन के बीच लोकप्रिय हुए। उनके निधन से साहित्य जगत को अपूरणीय क्षति हुई है।
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