रायपुर / जी.भूषण : 24 अगस्त 2025;
रायपुर। प्रतिवर्ष की तरह इस वर्ष भी तीजा पर्व सांस्कृतिक मिलन 2025 के अंतर्गत “तिजहारिन” कार्यक्रम का भव्य आयोजन 23 अगस्त 2025 को किया गया। कार्यक्रम का मंचन महाराजा अग्रसेन इंटरनेशनल कॉलेज के ऑडिटोरियम, समता कॉलोनी, रायपुर (छत्तीसगढ़) में संपन्न हुआ। पूरे समारोह में पारंपरिक उल्लास, नृत्य और सांस्कृतिक रंगों का अद्भुत संगम देखने को मिला। जिसके निर्णायक एकता पंसारी और सोनल पंसारी रहे।

इस आयोजन की मुख्य आयोजक ममता शर्मा रहीं, जबकि संरक्षक की भूमिका योगेश अग्रवाल ने निभाई। कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोगी परविंदर कौर, डी. भवानी राव, आभा मिश्रा, मीनाक्षी टुटेजा, शंजिता शुक्ला, राजेश मिश्रा, जे.पी. शर्मा, रॉकी वासवानी एवं शिव रतन गुप्ता का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
कार्यक्रम की विशेषता यह रही कि विभिन्न समाजों की महिलाओं ने समूह एवं एकल नृत्य एवं तीज क्वीन प्रतियोगिता प्रस्तुत किए। मंच पर पंजाबी समाज, बंगाली समाज, आंध्रा समाज और महाराष्ट्र मंडल की प्रतिभागियों ने अपनी संस्कृति की झलक प्रस्तुत की। लोकनृत्यों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस दौरान निर्णायकों ने प्रदर्शन के आधार पर विजेताओं की घोषणा की।


विशेषकर आंध्रा समाज की महिलाओं द्वारा प्रस्तुत नृत्य ने सभी का मन मोह लिया। उनकी प्रस्तुति में नृत्याभिनय, परंपरा और सामूहिकता का अनूठा मिश्रण रहा, जिसे दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट से सराहा। निर्णायकों ने भी इस प्रस्तुति को सर्वोच्च अंक प्रदान किए। परिणामस्वरूप आंध्रा समाज को प्रथम पुरस्कार से सम्मानित किया गया। महाराष्ट्र समाज को उत्साहपूर्ण और ऊर्जावान प्रस्तुति द्वितीय स्थान पर रही। वहीं पंजाबी समाज की सांस्कृतिक छटा से भरपूर प्रस्तुति ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। जबकि सांत्वना पुरस्कार बंगाली समाज एवं अग्निवीर सैन्य प्रशिक्षण ग्रुप को प्रदान किया गया। वहीं सोलो डांस प्रतियोगिता में भी प्रतिभागियों ने बेहतरीन प्रस्तुतियाँ दीं। इसमें प्रथम पुरस्कार जयश्री बिस्वास, द्वितीय ममता शर्मा और तृतीय प्रियंका ने अपने नाम किया।

प्रथम पुरस्कार विजेता आंध्रा समाज के समूह में सौम्या, चिट्टी शिरिशा, रोजा, उमा, उषा रानी, अरुणा, कृष्णवेणी, वसंता, पूजा, गीता एवं अनन्या शामिल रहीं। सभी ने सामूहिक नृत्य में तालमेल, परिधान और भाव-भंगिमा से कार्यक्रम को विशेष ऊँचाई प्रदान की।
समापन अवसर पर आयोजकों ने विजेताओं को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि इस प्रकार के सांस्कृतिक आयोजन समाज में आपसी भाईचारा, सौहार्द और परंपराओं के संरक्षण की दिशा में सार्थक भूमिका निभाते हैं। तीजा पर्व के अवसर पर महिलाओं का यह सामूहिक उत्सव, छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विविधता और एकता का प्रतीक बनकर सामने आया।
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