रायपुर: 29 जुलाई 2025
छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले में जेल में बंद प्रमुख आरोपी अनवर ढेबर को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी को अवैध ठहराने और FIR रद्द करने की मांग को सिरे से खारिज कर दिया है। हाईकोर्ट ने स्पष्ट रूप से कहा है कि गिरफ्तारी और रिमांड आदेश पूरी तरह से कानून सम्मत हैं।
अनवर ढेबर की ओर से दाखिल याचिका में तीन प्रमुख मांगें की गई थीं:
1.FIR को रद्द किया जाए, 2. गिरफ्तारी को असंवैधानिक घोषित किया जाए, 3.रिमांड आदेशों को निरस्त किया जाए
ढेबर ने दावा किया था कि उन्हें 4 अप्रैल को बिना किसी कानूनी सूचना के हिरासत में लिया गया और 5 अप्रैल दोपहर तक औपचारिक रूप से गिरफ्तारी नहीं दिखाई गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि न तो उनके परिजनों को सूचना दी गई और न ही केस डायरी या पंचनामा उपलब्ध कराया गया, जो सुप्रीम कोर्ट की तय गाइडलाइंस का उल्लंघन है।
राज्य सरकार की ओर से अदालत में पेश होकर कहा गया कि: अनवर ढेबर की दो जमानत याचिकाएं पहले ही खारिज की जा चुकी हैं। गिरफ्तारी और रिमांड की पूरी प्रक्रिया विधिसम्मत है।
दोनों पक्षों की दलीलों और दस्तावेज़ों की गहन समीक्षा के बाद हाईकोर्ट ने याचिका को खारिज कर दिया। अदालत ने स्पष्ट किया कि अनवर ढेबर की गिरफ्तारी और रिमांड में कोई भी कानूनी खामी नहीं है। इस फैसले के बाद, अनवर ढेबर को इस मामले में फिलहाल कोई राहत मिलती नहीं दिख रही है।
अनवर ढेबर, रायपुर के पूर्व महापौर के भाई हैं और छत्तीसगढ़ शराब घोटाले में मुख्य आरोपी माने जाते हैं। ACB ने उन्हें 4 अप्रैल को हिरासत में लिया था। यह मामला करोड़ों रुपये के सरकारी राजस्व की हेराफेरी से जुड़ा हुआ है, जिसमें राजनीतिक संरक्षण और अफसरशाही की मिलीभगत के गंभीर आरोप भी हैं।
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