रायपुर: 30 मार्च 2025 (टीम)
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बिलासपुर जिले के ग्राम मोहभट्टा में आयोजित आमसभा एवं विकास कार्यों के लोकार्पण-शिलान्यास समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को छत्तीसगढ़ की वीरांगना बिलासा देवी केवट की स्मृति में तैयार किया गया विशेष मोमेंटो भेंट किया।
यह मोमेंटो न केवल छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है, बल्कि नारी शक्ति, आत्मनिर्भरता और नेतृत्व क्षमता की जीवंत अभिव्यक्ति भी है।
बिलासा देवी केवट: नारी सशक्तिकरण की मिसाल
बिलासा देवी एक साहसी, परिश्रमी और दूरदर्शी महिला थीं, जिनके नाम पर ही बिलासपुर शहर का नाम पड़ा। वे केवट समुदाय से संबंध रखती थीं, जो भारतीय इतिहास में जल परिवहन, सेवा भाव और ईमानदारी के लिए जाना जाता है। भगवान श्रीराम के जीवन में भी केवट समुदाय की भूमिका आदर्श मानी जाती है।
बिलासा देवी का जीवन इस बात का प्रमाण है कि महिलाएँ सीमाओं को पार कर इतिहास रच सकती हैं। उनके नेतृत्व, परिश्रम और कौशल ने यह सिद्ध किया कि चाहे प्रशासन हो या सामाजिक नेतृत्व—नारी कहीं भी पीछे नहीं।
मोमेंटो: नारी सशक्तिकरण का प्रतीक
यह भेंट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व और नारी सशक्तिकरण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को प्रतिध्वनित करती है। सरकार की ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’, ‘उज्ज्वला योजना’, ‘महिला स्वयं सहायता समूह’, ‘नारी शक्ति मिशन’ जैसी योजनाएँ इसी दिशा में ऐतिहासिक कदम हैं।
यह मोमेंटो केवल एक शिल्पकृति नहीं, बल्कि एक वैचारिक प्रतीक है, जो दर्शाता है कि भारत का भविष्य तभी उज्ज्वल होगा, जब उसकी महिलाएँ सशक्त होंगी।
यह भेंट छत्तीसगढ़ के गौरवशाली अतीत, वर्तमान प्रयासों और भविष्य की संभावनाओं का अद्भुत समन्वय है।