NIT रायपुर के विशेषज्ञों ने खनन सुरक्षा प्रबंधन, जोखिम मूल्यांकन और आधुनिक तकनीकों के उपयोग पर दी जानकारी; कुलाधिपति गजराज पगारिया ने आयोजन के लिए विभाग को दी बधाई।
रायपुर जिले के आरंग स्थित MATS विश्वविद्यालय के MSEIT के खनन अभियांत्रिकी विभाग द्वारा खनन सुरक्षा, दुर्घटना रोकथाम और रिमोट सेंसिंग तकनीक के उपयोग पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों और संकाय सदस्यों को खनन क्षेत्र में सुरक्षा प्रबंधन, आधुनिक तकनीकों तथा उभरती प्रौद्योगिकियों के व्यावहारिक अनुप्रयोगों से परिचित कराना था। कार्यशाला में राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT), रायपुर के विशेषज्ञों ने महत्वपूर्ण व्याख्यान दिए। खनन अभियांत्रिकी विभाग के अनुसार, इस आयोजन के माध्यम से विद्यार्थियों को खनन उद्योग की मौजूदा चुनौतियों, कार्यस्थल पर सुरक्षा की जरूरतों और तकनीकी बदलावों को समझने का अवसर मिला। कार्यक्रम का एक प्रमुख उद्देश्य शैक्षणिक ज्ञान और उद्योग की व्यावहारिक आवश्यकताओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना भी रहा।
NIT रायपुर के खनन अभियांत्रिकी विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. आशीष कुमार दाश ने “Accident Prevention and Safety Management in Indian Mining: Challenges, Practices and the Way Forward” विषय पर व्याख्यान देते हुए जोखिम मूल्यांकन, संभावित खतरों की पहचान, सुरक्षा नियमों के पालन और खदानों में सुरक्षित कार्य संस्कृति विकसित करने के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने प्रभावी सुरक्षा प्रबंधन और जागरूकता को खनन दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए आवश्यक बताया। वहीं, NIT रायपुर के खनन अभियांत्रिकी विभाग के फैकल्टी डॉ. मोहम्मद मनीब मसूद ने “Remote Sensing Technology in Mines” विषय पर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि रिमोट सेंसिंग तकनीक का उपयोग खदान नियोजन, खनन गतिविधियों की निगरानी, भूमि उपयोग के आकलन और पर्यावरणीय प्रभावों के निरीक्षण में किया जा सकता है। इस तकनीक से सटीक जानकारी जुटाने, बेहतर निर्णय लेने और सतत एवं पर्यावरण-अनुकूल खनन को प्रोत्साहित करने में मदद मिलती है।
विश्वविद्यालय के नेतृत्व और मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यशाला को चांसलर श्री गजराज पगारिया, महानिदेशक श्री प्रियेश पगारिया, कुलपति डॉ. के. पी. यादव, कुलसचिव श्री गोकुलानंद पांडा और निदेशक श्री बृजेश पटेल का सहयोग एवं प्रोत्साहन प्राप्त हुआ। कार्यक्रम के सफल संचालन में खनन अभियांत्रिकी विभागाध्यक्ष डॉ. घनश्याम शाकार, डॉ. संदीप कुमार साहू, श्री चोमन आदिल और श्री लोकमान्य पटेल का महत्वपूर्ण योगदान रहा। विभाग ने आमंत्रित विशेषज्ञों, आयोजन समिति, संकाय सदस्यों और विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यशाला का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। इस अवसर पर कुलाधिपति श्री गजराज पगारिया ने इस प्रकार की कार्यशाला आयोजित करने के लिए विभाग को बधाई दी और खनन सुरक्षा, तकनीकी दक्षता तथा उद्योगोन्मुख शिक्षा को बढ़ावा देने के महत्व को रेखांकित किया।
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