HomeNationalNEW DELHIचुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट को गुमराह किया? SIR फैसले पर पूर्व...

Date:

चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट को गुमराह किया? SIR फैसले पर पूर्व जस्टिस ने उठाए सवाल…

जस्टिस वी. गोपाल गौड़ा ने मई 2026 के फैसले को वापस लेने की मांग की, चुनाव आयोग से सभी रिकॉर्ड तलब करने की बात कही
हेडलाइंस
  • पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज वी. गोपाल गौड़ा ने SIR फैसले पर सवाल उठाए
  • आरोप लगाया कि चुनाव आयोग ने अदालत के सामने तथ्य सही ढंग से पेश नहीं किए
  • सुप्रीम कोर्ट से स्वतः संज्ञान लेकर फैसला वापस लेने पर विचार करने की अपील
  • आयोग के सभी रिकॉर्ड मंगाकर निर्णय प्रक्रिया और आयुक्तों की सहमति जांचने की मांग
  • फैसले को वापस लेने का कोई नया न्यायिक आदेश अभी रिपोर्ट नहीं हुआ है

नई दिल्ली। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर चुनाव आयोग और न्यायपालिका से जुड़ी बहस तेज हो गई है। सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस वी. गोपाल गौड़ा ने मई 2026 में एसआईआर की वैधानिकता बरकरार रखने वाले फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा है कि सुप्रीम कोर्ट को इस पर दोबारा विचार करना चाहिए। उनका आरोप है कि चुनाव आयोग ने सुनवाई के दौरान महत्वपूर्ण तथ्यों को सही तरीके से सामने नहीं रखा, जिससे अदालत के फैसले का आधार प्रभावित हुआ।

जस्टिस गोपाल गौड़ा ने सुप्रीम कोर्ट से स्वतः संज्ञान लेकर फैसले को वापस लेने और चुनाव आयोग से एसआईआर से जुड़े सभी रिकॉर्ड तलब करने का आग्रह किया है। उनका कहना है कि रिकॉर्ड की जांच से यह स्पष्ट होना चाहिए कि एसआईआर लागू करने का निर्णय पूरे आयोग ने लिया था या नहीं और क्या इसे बहुमत वाले चुनाव आयुक्तों की सहमति प्राप्त थी।

उनकी आपत्ति उन मीडिया रिपोर्टों से भी जुड़ी है, जिनमें दावा किया गया था कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कुछ महत्वपूर्ण फैसले अन्य दो चुनाव आयुक्तों की आपत्तियों के बावजूद लिए। जस्टिस गौड़ा का तर्क है कि यदि निर्णय प्रक्रिया से संबंधित अहम तथ्य अदालत के सामने नहीं रखे गए, तो फैसले की समीक्षा जरूरी हो सकती है। हालांकि, ये उनके आरोप और कानूनी व्याख्या हैं; इन्हें अदालत द्वारा प्रमाणित निष्कर्ष नहीं माना जा सकता।

विवाद के बीच मतदाता पंजीकरण के लिए इस्तेमाल होने वाले फॉर्म-6 में बदलाव का मुद्दा भी चर्चा में है। हालिया रिपोर्टों के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि उसने फॉर्म-6 में किए गए बदलावों को मंजूरी नहीं दी थी और चुनाव आयोग से इस संबंध में रिपोर्ट मांगी। आयोग की ओर से इस पूरे विवाद पर दिए गए पक्ष और अदालत में आगे होने वाली कार्यवाही से मामले की स्थिति अधिक स्पष्ट होगी।

फिलहाल जस्टिस गोपाल गौड़ा की मांग के आधार पर एसआईआर संबंधी मई 2026 का फैसला वापस लिए जाने की कोई न्यायिक घोषणा रिपोर्ट नहीं हुई है। अब इस विवाद का महत्वपूर्ण पहलू यह है कि चुनाव आयोग निर्णय प्रक्रिया से जुड़े सवालों पर क्या स्पष्टीकरण देता है और सुप्रीम कोर्ट रिकॉर्ड की जांच के बाद क्या रुख अपनाता है।

खबरें और भी…
स्वतंत्र छत्तीसगढ़
स्वतंत्र छत्तीसगढ़https://swatantrachhattisgarh.com
(संपादक) इस साइट के कुछ तत्वों में उपयोगकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत सामग्री ( समाचार / फोटो / विडियो आदि ) शामिल होगी । स्वतंत्र छत्तीसगढ़ इस तरह के सामग्रियों के लिए कोई ज़िम्मेदार नहीं स्वीकार करता है। स्वतंत्र छत्तीसगढ़ में प्रकाशित ऐसी सामग्री के लिए संवाददाता / खबर देने वाला स्वयं जिम्मेदार होगा, स्वतंत्र छत्तीसगढ़ या उसके स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक की कोई भी जिम्मेदारी नहीं होगी. सभी विवादों का न्याय क्षेत्र रायपुर होगा ।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

Popular

More like this
Related