स्वतंत्र छत्तीसगढ़
रायपुर: छत्तीसगढ़ में परिवहन विभाग की 15 सेवाओं की फीस में बदलाव किया गया है। करीब 32 साल बाद फीस में संशोधन करते हुए नई दरों को राजपत्र में प्रकाशित किया गया है। इसके बाद ड्राइविंग लाइसेंस, वाहन पंजीयन, मेडिकल सर्टिफिकेट और अलग-अलग प्रकार के परमिट से जुड़ी सेवाओं के लिए लोगों को पहले की तुलना में अधिक भुगतान करना होगा।
नई दरों के अनुसार डुप्लीकेट ड्राइविंग लाइसेंस की फीस ₹200 से बढ़कर ₹250 और मेडिकल सर्टिफिकेट की फीस ₹50 से बढ़कर ₹100 हो गई है। लर्निंग लाइसेंस की दूसरी प्रति ₹50 से ₹100, निजी लाइट मोटर वाहन का अस्थायी पंजीयन ₹250 से ₹500 और दोपहिया वाहन का अस्थायी पंजीयन ₹150 से ₹300 किया गया है। मोटर कैब यानी टैक्सी का परमिट ₹1,500 से बढ़कर ₹4,000 और मालगाड़ी परमिट ₹2,000 से बढ़कर ₹5,000 हो गया है।
परमिट शुल्क में सबसे बड़ा बदलाव यात्री बसों के लिए हुआ है। बस परमिट की फीस ₹2,500 से बढ़ाकर ₹10,000 कर दी गई है, यानी इसमें चार गुना वृद्धि हुई है। राष्ट्रीय मालगाड़ी परमिट ₹2,000 से बढ़कर ₹6,000 और किसी भी परमिट की दूसरी प्रति की फीस ₹500 से बढ़कर ₹1,000 हो गई है। RTO के निर्णय या आदेश के खिलाफ याचिका का शुल्क भी ₹200 से बढ़ाकर ₹2,000 किया गया है। हालांकि किसानों के नाम ट्रैक्टर या ट्रॉली से संबंधित परमिट प्रक्रिया में शुल्क नहीं लिया जाएगा, जबकि SC-ST वर्ग के आवेदकों को निर्धारित फीस का 50 प्रतिशत ही भुगतान करना होगा।
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