स्वतंत्र छत्तीसगढ़
प्रमुख बिंदु:
- जल संसाधन विभाग ने 6 परियोजनाओं के लिए 25.67 करोड़ रुपये स्वीकृत किए
- 817 हेक्टेयर क्षेत्र में बढ़ेगी सिंचाई सुविधा
- नहरों के सुदृढ़ीकरण, लाइनिंग और जलाशयों के जीर्णोद्धार के होंगे काम
- सरायपाली, पिथौरा और महासमुंद क्षेत्र के किसानों को मिलेगा लाभ
रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के जल संसाधन विभाग ने महासमुंद जिले में 6 सिंचाई परियोजनाओं के सुदृढ़ीकरण, जीर्णोद्धार और निर्माण कार्यों के लिए 25 करोड़ 67 लाख 92 हजार रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है। विभाग द्वारा मंत्रालय, महानदी भवन से मुख्य अभियंता, महानदी गोदावरी कछार, रायपुर को इसकी स्वीकृति जारी की गई है। इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद जिले में कुल 817 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई क्षमता बढ़ने की उम्मीद है, जिससे किसानों को खेती के लिए बेहतर जल सुविधा मिल सकेगी।
स्वीकृत कार्यों में सरायपाली के ग्राम डूमरपाली में कटंगी नाला पर एनीकट निर्माण के लिए 3.52 करोड़ रुपये से अधिक की राशि शामिल है। इससे 100 हेक्टेयर क्षेत्र को सिंचाई सुविधा मिलेगी। पिथौरा के राजाडेरा जलाशय की नहर के सुदृढ़ीकरण एवं लाइनिंग के लिए करीब 4.95 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं, जिससे 76 हेक्टेयर क्षेत्र लाभान्वित होगा। कुन्ती नाला व्यपवर्तन के शीर्ष कार्य, नहर जीर्णोद्धार एवं सीसी लाइनिंग के लिए 4.74 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं, जिससे 170 हेक्टेयर भूमि में सिंचाई होगी।
इसके अलावा महासमुंद के जामली जलाशय के शीर्ष कार्य की मरम्मत, नहरों की रिमॉडलिंग एवं लाइनिंग के लिए 4.24 करोड़ रुपये से अधिक, परसदा जलाशय के शीर्ष जीर्णोद्धार और नहर रिमॉडलिंग के लिए 4.22 करोड़ रुपये तथा छपोराडीह जलाशय की नहर रिमॉडलिंग, लाइनिंग और पक्के स्ट्रक्चर के उन्नयन के लिए 3.97 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इन तीनों परियोजनाओं से क्रमशः 202, 166 और 103 हेक्टेयर क्षेत्र को सिंचाई सुविधा का लाभ मिलेगा। सरकार के इस निर्णय से क्षेत्र में सिंचाई व्यवस्था मजबूत होने के साथ कृषि गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
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