स्वतंत्र छत्तीसगढ़
प्रमुख बिंदु
• डॉ. भूपेन हजारिका की कालजयी रचनाओं को दी गई संगीतमय श्रद्धांजलि
• राज्यपाल रमेन डेका और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय रहे मौजूद
• नृत्य-नाटिका और गीतों की प्रस्तुतियों ने बांधा समां
रायपुर, 08 सितंबर 2026। भारत रत्न एवं प्रख्यात संगीतकार, गायक, गीतकार और फिल्मकार डॉ. भूपेन हजारिका की जन्मशताब्दी वर्ष के अवसर पर लोक भवन स्थित छत्तीसगढ़ मंडपम में सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में राज्यपाल श्री रमेन डेका और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की गरिमामयी उपस्थिति रही।
राज्यपाल श्री रमेन डेका ने कहा कि डॉ. हजारिका का संगीत केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं था, बल्कि उसमें समाज, संस्कृति, प्रकृति, मानवीय संवेदना और राष्ट्रीय एकता की गहरी अभिव्यक्ति थी। उनकी रचनाएं आज भी सामाजिक समरसता और भाईचारे का संदेश देती हैं।
सांस्कृतिक संध्या में इंदिरा कला एवं संगीत विश्वविद्यालय, खैरागढ़ के कलाकारों ने डॉ. हजारिका के जीवन और रचनाओं पर आधारित नृत्य-नाटिका प्रस्तुत की। वहीं महाकालीबाड़ी एवं विश्वनाथ मंदिर समिति, पंडरी के कलाकारों ने उनके प्रसिद्ध गीतों की भावपूर्ण संगीतमय प्रस्तुति देकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया।
राज्यपाल ने कलाकारों की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए उन्हें स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया। कार्यक्रम में प्रथम महिला श्रीमती रानी डेका काकोटी, विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, श्री अनुज शर्मा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।


