स्वतंत्र छत्तीसगढ़
प्रमुख बातें:
• सुकमा जिले में दो नए धान उपार्जन केंद्र खोलने की स्वीकृति मिली।
• बस्तर संभाग में कुल 29 नवीन धान उपार्जन केंद्र खोलने का निर्णय लिया गया है।
• नए केंद्र गांवों के करीब होने से किसानों का समय और परिवहन खर्च बचेगा।
• उपार्जन केंद्रों पर बायोमेट्रिक, इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीन, नमी मापक और इंटरनेट जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में काम होगा।
• सांसद प्रतिनिधि अरुण सिंह भदौरिया ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और सहकारिता मंत्री केदार कश्यप का आभार जताया।
सुकमा। बस्तर संभाग के किसानों के लिए राज्य सरकार के 29 नए धान उपार्जन केंद्र खोलने के निर्णय का सुकमा जिले में स्वागत किया गया है। जिले में दो नए धान उपार्जन केंद्र खोलने की स्वीकृति मिलने पर सांसद प्रतिनिधि अरुण सिंह भदौरिया ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और सहकारिता मंत्री केदार कश्यप के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह निर्णय विशेष रूप से दूरस्थ और वनांचल क्षेत्रों के किसानों के लिए राहत लेकर आएगा।
सांसद प्रतिनिधि ने कहा कि सुकमा जैसे भौगोलिक रूप से विस्तृत और दुर्गम जिले में कई किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। धान को उपार्जन केंद्र तक ले जाने में परिवहन, मजदूरी और समय का अतिरिक्त खर्च भी उठाना पड़ता है। गांवों के नजदीक नए केंद्र खुलने से किसानों की यह परेशानी कम होगी और उन्हें अपनी उपज बेचने के लिए कम दूरी तय करनी पड़ेगी।
नए केंद्रों से मौजूदा धान उपार्जन केंद्रों पर किसानों का दबाव भी कम होने की उम्मीद है। इससे धान खरीदी की व्यवस्था अधिक सुचारू और व्यवस्थित हो सकेगी। अरुण सिंह भदौरिया ने कहा कि धान उपार्जन केंद्र किसानों की मेहनत का उचित मूल्य दिलाने की प्रक्रिया की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। नए केंद्रों के माध्यम से किसानों का समय बचने के साथ परिवहन पर होने वाला खर्च भी कम होगा, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
नवीन उपार्जन केंद्रों में किसानों की सुविधा के लिए बायोमेट्रिक सत्यापन, कंप्यूटर, प्रिंटर, यूपीएस, जनरेटर, इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीन, नमी मापक यंत्र, बिजली, इंटरनेट, प्रकाश व्यवस्था, पेयजल, पहुंच मार्ग और धान रखने के लिए पर्याप्त स्थान जैसी व्यवस्थाएं उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जाएगा। इन सुविधाओं से उपार्जन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सुविधाजनक बनाने में मदद मिलेगी।
अरुण सिंह भदौरिया ने कहा कि सुकमा जिले के किसानों की लंबे समय से मांग थी कि उन्हें धान बेचने के लिए दूर-दराज के केंद्रों तक न जाना पड़े। दो नए धान उपार्जन केंद्रों की स्वीकृति किसान हित में महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और सहकारिता मंत्री केदार कश्यप का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आने वाले समय में भी सुकमा और बस्तर के किसानों की जरूरतों को प्राथमिकता देकर ग्रामीण क्षेत्रों में सुविधाओं का विस्तार किया जाना चाहिए।
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