रायपुर, छत्तीसगढ़
हेड लाइंस: 11 वर्षीय बच्चे के हृदय से 400 ग्राम का दुर्लभ ट्यूमर निकाला
चार घंटे चली जटिल सर्जरी, ‘डुअल अप्रोच’ तकनीक का इस्तेमाल
हृदय और फेफड़े से जुड़े ट्यूमर को सफलतापूर्वक हटाया
छत्तीसगढ़ के सरकारी अस्पताल में जटिल सर्जरी से चिकित्सा क्षेत्र में बनी नई मिसाल
रायपुर: डॉ. भीमराव आंबेडकर मेमोरियल अस्पताल, रायपुर के चिकित्सकों ने एक 11 वर्षीय बच्चे के दुर्लभ हृदय संबंधी कैंसर का जटिल ऑपरेशन कर चिकित्सा क्षेत्र में नया मानक स्थापित किया है। मार्च 2026 में सामने आए इस मामले में डॉक्टरों ने लगभग चार घंटे तक चली सर्जरी के दौरान बच्चे के हृदय से जुड़े करीब 400 ग्राम के ट्यूमर को सफलतापूर्वक निकाला। यह ट्यूमर हृदय के साथ-साथ आसपास के महत्वपूर्ण अंगों को भी प्रभावित कर रहा था।
दुर्लभ बीमारी ने बढ़ाई चुनौती: चिकित्सकों के अनुसार इस प्रकार का ट्यूमर सामान्यत: 40 से 60 वर्ष की उम्र के वयस्कों में देखा जाता है। ऐसे में महज 11 वर्ष की उम्र में इस तरह के गंभीर और जटिल हृदय ट्यूमर का सामने आना बेहद दुर्लभ मामला था। ट्यूमर का आकार बड़ा होने के साथ ही वह हृदय और अन्य महत्वपूर्ण अंगों से जुड़ा हुआ था, जिससे ऑपरेशन बेहद चुनौतीपूर्ण बन गया था।
डुअल अप्रोच तकनीक से हुई सर्जरी: डॉ. भीमराव आंबेडकर अस्पताल की टीम ने इस जटिल ऑपरेशन के लिए उन्नत ‘डुअल अप्रोच’ तकनीक का इस्तेमाल किया। करीब चार घंटे तक चली सर्जरी का नेतृत्व संबंधित विभाग के प्रमुख डॉ. कृष्णकांत साहू ने किया। चिकित्सकों की टीम ने हृदय से जुड़े मुख्य ट्यूमर को हटाने के साथ-साथ फेफड़े में छिपे तीन अतिरिक्त ‘सैटेलाइट ट्यूमर’ को भी निकाला, ताकि भविष्य में बीमारी के दोबारा होने की आशंका को कम किया जा सके।
बच्चे के इलाज को बताया गया महत्वपूर्ण उपलब्धि: इस सफल ऑपरेशन को छत्तीसगढ़ के चिकित्सा क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। रिपोर्ट के अनुसार चिकित्सकों की टीम ने इसे एक ऐसा मामला बताया है, जो पिछले 12 वर्षों में इस स्थिति से जुड़े सबसे कम उम्र के मामलों में शामिल हो सकता है और इसे संभावित विश्व रिकॉर्ड के रूप में भी देखा जा रहा है। हालांकि, विश्व रिकॉर्ड की आधिकारिक पुष्टि के लिए संबंधित रिकॉर्ड संस्था की मान्यता आवश्यक होगी।
सरकारी अस्पताल में जटिल उपचार की क्षमता: डॉ. भीमराव आंबेडकर मेमोरियल अस्पताल राज्य के प्रमुख सरकारी चिकित्सा संस्थानों में शामिल है। यहां जेएनएम मेडिकल कॉलेज से संबद्ध विभिन्न विशेषज्ञता वाले विभागों में गंभीर और जटिल मरीजों का उपचार किया जाता है। इस सफल सर्जरी ने यह भी दिखाया कि सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में विशेषज्ञ चिकित्सकों और उपलब्ध संसाधनों के माध्यम से जटिल मामलों का उपचार संभव है।
रायपुर में बढ़ रही उन्नत चिकित्सा सुविधाएं: छत्तीसगढ़ में उन्नत चिकित्सा सेवाओं के विस्तार के बीच रायपुर के चिकित्सा संस्थानों में जटिल सर्जरी और आधुनिक उपचार तकनीकों का इस्तेमाल बढ़ रहा है। इससे राज्य के मरीजों को गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए दूसरे महानगरों की ओर जाने की आवश्यकता कम करने में मदद मिल सकती है।
चिकित्सा टीम के प्रयास की सराहना: इस मामले में चिकित्सकों की टीम के सामने बच्चे की कम उम्र, ट्यूमर का आकार और हृदय सहित महत्वपूर्ण अंगों से उसका जुड़ाव बड़ी चुनौती थी। इसके बावजूद सफल सर्जरी पूरी करना अस्पताल की विशेषज्ञता और टीमवर्क को दर्शाता है। बच्चे के उपचार की यह उपलब्धि सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं में जटिल चिकित्सा प्रक्रियाओं की क्षमता को भी सामने लाती है।
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