राष्ट्रकवि डॉ. मैथिलीशरण गुप्त की 140वीं जयंती पर रायपुर में भावपूर्ण श्रद्धांजलि, साहित्यिक विरासत को किया नमन…

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राष्ट्रकवि डॉ. मैथिलीशरण गुप्त की 140वीं जयंती के अवसर पर सोमवार को राजधानी रायपुर में भावपूर्ण श्रद्धांजलि एवं पुष्पांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। रायपुर नगर पालिक निगम के संस्कृति विभाग के तत्वावधान में, नगर निगम जोन-3 के सहयोग तथा श्री गहोई वैश्य समाज रायपुर की सहभागिता से जलविहार कॉलोनी उद्यान परिसर स्थित राष्ट्रकवि की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उनके साहित्य, राष्ट्रभक्ति और भारतीय संस्कृति के प्रति अमूल्य योगदान को स्मरण किया गया। कार्यक्रम में नगर निगम पदाधिकारियों, सामाजिक संगठनों, साहित्यकारों, कवियों तथा बड़ी संख्या में आम नागरिकों ने भाग लेकर राष्ट्रकवि को श्रद्धासुमन अर्पित किए।

हेड लाइंस
• राष्ट्रकवि डॉ. मैथिलीशरण गुप्त की 140वीं जयंती पर रायपुर में श्रद्धांजलि समारोह
• जलविहार कॉलोनी उद्यान स्थित प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर किया सादर नमन
• नगर निगम पदाधिकारी, गहोई वैश्य समाज और साहित्य प्रेमियों की रही सहभागिता
• राष्ट्रभक्ति और भारतीय संस्कृति के संदेश को आगे बढ़ाने का लिया संकल्प

रायपुर: राष्ट्रकवि डॉ. मैथिलीशरण गुप्त की जयंती के अवसर पर आयोजित इस गरिमामय कार्यक्रम में रायपुर नगर पालिक निगम संस्कृति विभाग के अध्यक्ष अमर गिदवानी और जल विभाग के अध्यक्ष संतोष सीमा साहू ने राष्ट्रकवि की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम में श्री गहोई वैश्य समाज रायपुर के अध्यक्ष अनिल गुप्ता कंगेले, सचिव विनोद सुहाने, वरिष्ठ उपाध्यक्ष अनिल गुप्ता, सहसचिव इंदेश सेठ, महिला समिति की अध्यक्ष सुश्री मीरा सरावगी, सामाजिक कार्यकर्ता मुकेश गुप्ता, नगर निगम जोन-3 के कार्यपालन अभियंता ईश्वर लाल टावरे सहित समाज के अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

साहित्यकारों और कवियों ने किया राष्ट्रकवि का स्मरण: कार्यक्रम में शहर के कवियों, साहित्य प्रेमियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, महिलाओं एवं आम नागरिकों ने राष्ट्रकवि की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उनके साहित्यिक योगदान को याद किया। वक्ताओं ने कहा कि डॉ. मैथिलीशरण गुप्त ने अपनी कृतियों के माध्यम से भारतीय संस्कृति, राष्ट्रप्रेम, सामाजिक समरसता और मानवीय मूल्यों को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य किया। उनकी प्रसिद्ध रचनाएं आज भी हिंदी साहित्य की अमूल्य धरोहर हैं और नई पीढ़ी को राष्ट्रहित एवं समाज सेवा के लिए प्रेरित करती हैं।

साहित्यिक विरासत को आगे बढ़ाने का संदेश: समारोह के दौरान उपस्थित अतिथियों ने कहा कि राष्ट्रकवि का जीवन और साहित्य केवल हिंदी भाषा तक सीमित नहीं है, बल्कि वह भारतीय संस्कृति और राष्ट्रीय चेतना का सशक्त प्रतीक है। ऐसे महापुरुषों की जयंती मनाने का उद्देश्य केवल उन्हें श्रद्धांजलि देना नहीं, बल्कि उनके विचारों और आदर्शों को समाज में जीवंत बनाए रखना भी है। वक्ताओं ने युवाओं से राष्ट्रकवि के साहित्य का अध्ययन करने और उनके आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का आह्वान किया।

गरिमामय वातावरण में हुआ कार्यक्रम का समापन: पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धा और सम्मान का वातावरण बना रहा। उपस्थित जनों ने राष्ट्रकवि की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उनके प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त की तथा उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में नगर निगम संस्कृति विभाग, नगर निगम जोन-3 और श्री गहोई वैश्य समाज रायपुर की महत्वपूर्ण भूमिका रही। अंत में सभी उपस्थित लोगों ने राष्ट्रकवि के साहित्यिक और सांस्कृतिक योगदान को सदैव स्मरण रखने का संकल्प व्यक्त किया।

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