संवाददाता / स्वतंत्र छत्तीसगढ़
हेड लाइन्स
धरमपुर में भूमि अधिग्रहण विवाद के बीच पुलिस और ग्रामीणों के बीच हिंसक झड़प
पथराव और मारपीट में कई पुलिसकर्मी घायल, पुलिस वाहनों को भी नुकसान
पुलिस का दावा- पुराने मामले के आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पहुंची थी टीम
ग्रामीणों की पहचान कर वैधानिक कार्रवाई की तैयारी, क्षेत्र में भारी सुरक्षा बल तैनात
सूरजपुर, छत्तीसगढ़: प्रतापपुर थाना क्षेत्र के मदननगर-धरमपुर गांव में भूमि अधिग्रहण को लेकर लंबे समय से चल रहा विवाद शुक्रवार को हिंसक झड़प में बदल गया। कथित आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पहुंची पुलिस टीम पर ग्रामीणों ने अचानक पथराव और हमला कर दिया, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और प्रशासन हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है। घायल पुलिसकर्मियों को प्रतापपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार जारी है।
भूमि अधिग्रहण विवाद के बीच बढ़ा तनाव
जानकारी के अनुसार, धरमपुर गांव में प्रस्तावित एसईसीएल (SECL) की नई माइंस परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण का ग्रामीण कई दिनों से विरोध कर रहे हैं। कुछ दिन पहले माइंस सर्वे के लिए पहुंचे एसईसीएल अधिकारियों और ग्रामीणों के बीच भी विवाद की स्थिति बनी थी। शुक्रवार सुबह प्रशासन की टीम भारी पुलिस बल के साथ गांव पहुंची। गांव में बड़ी संख्या में पुलिस बल की मौजूदगी से माहौल तनावपूर्ण हो गया और विरोध कर रहे ग्रामीणों तथा पुलिस के बीच पहले बहस, फिर धक्का-मुक्की और बाद में हिंसक झड़प शुरू हो गई। देखते ही देखते स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई और ग्रामीणों ने लाठी-डंडों तथा पथराव के जरिए पुलिस बल पर हमला कर दिया।

पुलिसकर्मियों को जान बचाकर भागना पड़ा, कई घायल
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार अचानक हुए हमले से पुलिस बल में अफरा-तफरी मच गई। कई पुलिसकर्मियों को लगभग आधा किलोमीटर तक दौड़कर अपनी जान बचानी पड़ी। इस दौरान भगदड़ में कई जवान गिर पड़े और गंभीर रूप से घायल हो गए। कई पुलिसकर्मियों के सिर सहित शरीर के अन्य हिस्सों में चोटें आई हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार घटना में डीएसपी राजेश जोशी सहित 20 से अधिक पुलिस अधिकारी और जवान घायल हुए हैं, जबकि अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) योगेश देवांगन ने आधिकारिक रूप से 6 पुलिसकर्मियों के घायल होने की पुष्टि की है। घायलों में महिला पुलिसकर्मी भी शामिल बताई जा रही हैं। घटना में कई सरकारी वाहनों को भी नुकसान पहुंचा है।
पुलिस का पक्ष: गिरफ्तारी के लिए पहुंचे थे, सर्वे टीम साथ नहीं थी
घटना को लेकर पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि टीम एसईसीएल के भूमि सर्वे के लिए नहीं, बल्कि पुराने मामले में नामजद पांच आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए गांव पहुंची थी। एएसपी योगेश देवांगन ने बताया कि ग्रामीणों के विरोध की आशंका पहले से थी, इसलिए पर्याप्त पुलिस बल के साथ कार्रवाई की जा रही थी। उन्होंने कहा कि आरोपियों की गिरफ्तारी का विरोध करते हुए कुछ ग्रामीण उग्र हो गए और पुलिस पर हिंसक हमला कर दिया। पुलिस के अनुसार एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है, जबकि अन्य आरोपी मौके पर नहीं मिले। अधिकारियों ने यह भी कहा कि पुलिस टीम के साथ किसी प्रकार की सर्वे टीम मौजूद नहीं थी।

छावनी में तब्दील हुआ धरमपुर, कार्रवाई की तैयारी
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। पूरे धरमपुर गांव और आसपास के इलाके में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिया गया है। लगभग 30 से अधिक सरकारी वाहन और बड़ी संख्या में पुलिस जवान क्षेत्र में मौजूद हैं। एसईसीएल के अधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंचे हैं। पुलिस अब घटना में शामिल ग्रामीणों की पहचान कर उनके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की तैयारी कर रही है। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने, अफवाहों पर ध्यान न देने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग की अपील की है। फिलहाल क्षेत्र में लगातार पुलिस गश्त जारी है और स्थिति पर प्रशासन की कड़ी नजर बनी हुई है।
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