15 लाख का अस्थायी रपटा पहली बारिश में बहा, एक दर्जन गांवों का टूटा संपर्क; निर्माण गुणवत्ता पर उठे सवाल…

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अंबिकापुर | छत्तीसगढ़

सूरजपुर जिले में गोबरी नदी पर 15 लाख रुपये की लागत से बनाया गया अस्थायी रपटा पहली ही तेज बारिश में बह गया। घटना के बाद एक दर्जन से अधिक गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क टूट गया है और निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।

हेड लाइंस
• पहली ही बारिश में बह गया 15 लाख रुपये का अस्थायी रपटा
• एक दर्जन से अधिक गांवों का जिला मुख्यालय से टूटा संपर्क
• मरीज, स्कूली बच्चे और ग्रामीणों की बढ़ी परेशानी
• ग्रामीणों ने निर्माण गुणवत्ता की जांच और स्थायी पुल की मांग उठाई

अंबिकापुर। सूरजपुर जिले के भैयाथान अंतर्गत डुमरिया-केवरा मार्ग पर गोबरी नदी पर बना अस्थायी रपटा पहली ही तेज बारिश में बह गया। लोक निर्माण विभाग के सेतु संभाग ने करीब 15 लाख रुपये की लागत से इस रपटे का निर्माण कराया था और एक माह पहले ही इसकी मरम्मत भी कराई गई थी। इसके बावजूद तेज बारिश में रपटा ढह जाने से डुमरिया, डबरीपारा, शिवप्रसादनगर, खुटरापारा सहित एक दर्जन से अधिक गांवों का जिला मुख्यालय सूरजपुर से सीधा संपर्क पूरी तरह टूट गया है।

एक साल बाद भी नहीं बना स्थायी पुल

जानकारी के अनुसार, गोबरी नदी पर बना मुख्य पुल पिछले वर्ष आई बाढ़ में क्षतिग्रस्त होकर ध्वस्त हो गया था। एक वर्ष बीतने के बाद भी नए स्थायी पुल को स्वीकृति नहीं मिल सकी। ग्रामीणों की सुविधा के लिए वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में अस्थायी रपटा तैयार किया गया था, लेकिन उसका पहली ही बारिश में बह जाना निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर रहा है।

ग्रामीणों की बढ़ी मुश्किलें

रपटा बहने के बाद आसपास के गांवों के हजारों लोग प्रभावित हुए हैं। स्कूली बच्चों, मरीजों, किसानों और रोजी-रोटी के लिए जिला मुख्यालय आने-जाने वाले लोगों को अब 20 किलोमीटर से अधिक का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ रहा है। बरसात के मौसम में वैकल्पिक कच्चे रास्तों से आवागमन जोखिमभरा हो गया है। एंबुलेंस और अन्य आपातकालीन सेवाओं के संचालन में भी कठिनाइयां आ रही हैं।

जांच और स्थायी पुल निर्माण की मांग

ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि रपटे के निर्माण और मरम्मत में गुणवत्ता मानकों का पालन नहीं किया गया। उनका कहना है कि हाल ही में मरम्मत पर लाखों रुपये खर्च किए जाने के बावजूद पहली बारिश में रपटा बह जाना गंभीर लापरवाही को दर्शाता है। क्षेत्रवासियों ने पूरे निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच कराने, जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई करने और गोबरी नदी पर जल्द से जल्द स्थायी पुल निर्माण शुरू कराने की मांग की है।

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