तेहरान
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य टकराव के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य एक बार फिर वैश्विक चिंता का केंद्र बन गया है। ईरानी कार्रवाई के बाद अमेरिकी सेना ने जवाबी हमले शुरू किए, जबकि एक मालवाहक जहाज पर हमले की घटना ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
हेडलाइंस
- ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को अगले आदेश तक बंद करने की घोषणा की।
- साइप्रस के ध्वज वाले मालवाहक जहाज पर हमले का आरोप।
- अमेरिका ने ईरान के खिलाफ तीसरे चरण की सैन्य कार्रवाई शुरू की।
- क्षेत्र में युद्धविराम पर फिर गहराया संकट, वैश्विक व्यापार पर असर की आशंका।
तेहरान। पश्चिम एशिया में एक बार फिर तनाव तेजी से बढ़ गया है। ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को अगले आदेश तक बंद करने की घोषणा करते हुए दावा किया कि उसकी चेतावनियों की अनदेखी करने वाले एक जहाज को चेतावनी स्वरूप गोली मारी गई। इसके कुछ ही समय बाद अमेरिका ने ईरान के खिलाफ नए सैन्य हमले शुरू करने की पुष्टि की। इस घटनाक्रम से पहले से ही नाजुक युद्धविराम व्यवस्था पर गंभीर खतरा पैदा हो गया है और अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार को लेकर चिंता बढ़ गई है।
अमेरिका ने शुरू किए जवाबी हमले
अमेरिकी रक्षा विभाग के अनुसार, ईरान की सैन्य क्षमताओं को कमजोर करने के उद्देश्य से तीसरे चरण की कार्रवाई शुरू की गई है। अमेरिकी पक्ष का कहना है कि यह कार्रवाई उन खतरों को रोकने के लिए की जा रही है जिनसे अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग से गुजरने वाले नागरिक और व्यावसायिक जहाज प्रभावित हो सकते हैं। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने सोशल मीडिया पर कहा कि ईरान ने गलत निर्णय लिया है और उसे इसके परिणाम भुगतने होंगे।
मालवाहक जहाज पर हमले से बढ़ी चिंता
अमेरिकी सैन्य कमान ने आरोप लगाया कि साइप्रस के ध्वज वाले एक कंटेनर जहाज पर ईरानी बलों ने हमला किया, जिससे जहाज के इंजन कक्ष को गंभीर क्षति पहुंची और चालक दल का एक सदस्य लापता हो गया। हमले के बाद जहाज में आग लगने की भी सूचना है, जिसके कारण वह अपनी यात्रा आगे जारी नहीं रख सका। इस घटना ने वैश्विक समुद्री सुरक्षा और ऊर्जा आपूर्ति मार्गों को लेकर नई चिंताएं पैदा कर दी हैं।
ईरान का दावा, चेतावनी नहीं मानी गई
ईरानी पक्ष का कहना है कि कई जहाजों ने निर्धारित समुद्री मार्ग और सुरक्षा निर्देशों का पालन नहीं किया। ऐसे में एक जहाज को चेतावनी देने के लिए गोली चलाई गई, जिसके बाद वह रुक गया। ईरान ने स्पष्ट किया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य अगले आदेश तक बंद रहेगा। साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि उस पर आगे कोई हमला हुआ तो क्षेत्र में मौजूद विरोधी ठिकानों के खिलाफ और कार्रवाई की जा सकती है।
वैश्विक व्यापार और कूटनीति पर पड़ सकता है असर
विशेषज्ञों का मानना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य विश्व के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है, जहां से बड़ी मात्रा में कच्चे तेल और गैस का परिवहन होता है। ऐसे में यहां बढ़ता तनाव वैश्विक ऊर्जा बाजार, समुद्री व्यापार और अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक प्रयासों को प्रभावित कर सकता है। अमेरिका और उसके सहयोगी देशों की नजर अब क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था और संभावित कूटनीतिक समाधान पर बनी हुई है।
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