ज्ञान ज्योति प्राथमिक शाला कोडोली के अभिभावक मित्रों का सपना हुआ साकार…

स्वतंत्र छत्तीसगढ़ :

सुनील सिंह राठौर : नारायणपुर


नारायणपुर : छत्तीसगढ़ के सबसे दूरस्थ अंचल अबूझमाड़ से लगा हुआ, ज्ञान ज्योति प्राथमिक शाला कोडोली में 18 नवम्बर 2021 को अभिभावक मित्र का गठन किया गया था ।इस गठन के मात्र एक से दो वर्ष में हीं अपने कार्यों की वजह से आज ग्राम पंचायत के सभी गांव गांव में चर्चित यह छोटा सा गांव है, अभिभावक मित्र के गठन के पश्चात विकास योजना बनाकर लगातार अभिभावक मित्रों के द्वारा प्रयास प्रारंभ किया गया और पहली प्राथमिकता मांग नए भवन के लिए किया गया। जिनके मेहनत ने रंग लाने में सफलता प्राप्त कीऔर शासन के द्वारा मंजूरी पश्चात 4 अक्टूबर दिन बुधवार को इसका उद्घाटन समारोह का आयोजन किया गया। इस आयोजन में नारायणपुर जिला के जिला पंचायत अध्यक्ष महोदया श्रीमती श्यामबती नेताम, उपाध्यक्ष जिला पंचायत देवनाथ उसेण्डी , जनपद अध्यक्ष पंडीराम वड्डे , जनपद सदस्या करमरी क्षेत्र श्रीमती भगवंती पिस्दा ,सुश्री गंगा शोरी जनपद सदस्य ,मंकूराम मंडावी जनपद सदस्य, श्रीमती फूलदाय सलाम सरपंच करमरी , सुखदेव वड्डे उपसरपंच करमरी, संतूराम पोटाई लेंम्स प्रबंधक अध्यक्ष कोचवाही आदि इस समारोह में उपस्थिति थे। स्वागत नए पश्चात शाला भवन प्रवेश के लिए रिबन अध्यक्ष महोदया के हाथों से काटा गया। तत्पश्चात माता सरस्वती की छायाचित्र पर दीप प्रज्वलित एवं पूजा अर्चना कर सभी कक्षाओं का निरीक्षण सभी सदस्यों के द्वारा किया गया।

कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए प्रधान अध्यापक देवेंद्र देवांगन ने अपने परिचय में बताया कि जब 2006 में उन्होंने यहां कार्यभार ग्रहण किया तो यहां पर कोई भवन नहीं था और ना ही गांव में सामुदायिक भवन उपलब्ध था। शिक्षक ने लगातार 6 वर्षों तक पेड़ के नीचे एकल शिक्षक के रूप में अध्यापन कार्य करते रहे। उसके बाद धीरे-धीरे विकास होता गया और 2012-13 में एक किचन शेड का निर्माण किया गया। इस किचन शेड में ही, बच्चों को शिक्षक के द्वारा लगातार 3 वर्ष तक पढाना पड़ा। उसके बाद ग्राम पंचायत जन भागीदारी समिति के माध्यम से दो रूम का सीट वाला भवन बना दिया गया। शिक्षक ने विस्तार से विद्यालय का परिचय और नये शिक्षिका सुश्री बिमला सिदार का परिचय करवाया। आशीष वचन में प्रथम सुश्री गंगा शोरी के द्वारा बच्चों को गोंडी में पढ़ाई के प्रति जानकारी और बेहतर लगन के साथ प्रतिदिन स्कूल आकर अध्ययन करने हेतु प्रोत्साहित किया गया।

उसके बाद जिला पंचायत उपाध्यक्ष देवनाथ उसेण्डी के द्वारा भी बच्चों को हिंदी ,अंग्रेजी ,गणित और सामान्य ज्ञान से संबंधित जानकारी के बारे में अवगत कराया गया तथा पढ लिखकर बड़े अधिकारी बनने के लिए बच्चों को प्रतिदिन लगन के साथ अध्ययन करने हेतु बहुत ही प्यार से समझाया। जनपद अध्यक्ष पंडीराम वड्डे के द्वारा भी गोंडी और हिंदी दोनों बोली में बच्चों को और समस्त ग्राम वासियों को प्रतिदिन बच्चों को स्कूल भेजने तथा यहां के बच्चों को अन्य प्रतियोगिता में भाग लेने हेतु प्रोत्साहित किया गया और अंत में जिला अध्यक्ष श्रीमती श्यामबत्ती नेताम के द्वारा बच्चों को पढ़ाई को किस प्रकार से आगे ले जाना है इस पर विस्तार से बच्चों को गोंडी में समझाया । जिससे बच्चे काफी खुश दिखाई दिए ।क्योंकि उनकी मातृ बोली गोंडी ही है जिससे बच्चे बहुत बेहतर तरीके से समझकर उनमें उत्साह दिखाई दे रहा था ।

आशीष वचन के पश्चात जो ग्राम के सबसे वृद्ध तीन महिलाओं को शिक्षक के द्वारा साड़ी प्रदान किया गया। मुख्य अतिथि के हाथों से और गांव के चार वरिष्ठ पुरुष को भी गमछा दिया गया ।अंत में संकुल समन्वयक प्रेम प्रकाश देवांगन के द्वारा सभी आए हुए अतिथियों का संकुल केंद्र और विद्यालय परिवार की ओर से आभार व्यक्त किया गया। इस कार्यक्रम में अभिभावक मित्रों का विशेष योगदान रहा जिसमें अध्यक्ष चमरूराम ,कसरूराम,बिसरूराम, सुखलाल , सोनाधर मनकुर,साधुराम ,सैतु राम तथा भूतपूर्व छात्र-छात्राएं भी उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *