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Wednesday, March 25, 2026

डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड में एम्स को मिला अवार्ड …

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स्वतंत्र छत्तीसगढ़ :

नई दिल्ली. देश के सबसे बड़े चिकित्सा संस्थान अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के 9 डॉक्टरों को मेडिकल क्षेत्र में देश का सबसे बड़ा बीसी राॅय अवार्ड प्राप्त करने का गौरव प्राप्त हुआ है। राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने एम्स के निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया सहित संस्थान के 9 डॉक्टरों को इस प्रतिष्ठित अवार्ड्स से सम्मानित किया है। इन डॉक्टरों ने चिकित्सा क्षेत्र में बेहतर उपलब्धि हासिल की है। 

डॉ. रणदीप गुलेरया को पहले ही पद्यश्री पुरस्कार से नवाजा जा चुका है। एम्स में देश का पहला पल्मोनरी मेडिसिन एंड स्लीप डिसऑर्डर सेंटर स्थापित करने का श्रेय दिया जाता है। इसी तरह डॉ. सीएस यादव हड्डी रोग के विशेषज्ञ हैं, पिछले कई सालों से लेह-लद्दाख और कारगिल में मरीजों का फ्री में सर्जरी कर चुके हैं।  

इन डॉक्टरों को मिला सम्मान 

डॉ. रणदीप गुलेरिया, निदेशक एम्स

डॉ. राजेश मल्होत्रा, आर्थोपेडिक डिपार्टमेंट के एचओडी 
डॉ. जेबी शर्मा, गाइनी डिपार्टमेंट
डॉ. सीएस यादव, आर्थोपेडिक डिपार्टमेंट
डॉ. पीएन डोगरा, यूरोलॉजी डिपार्टमेंट
डॉ. अमलेश सेठ, यूरोलॉजी
डॉ. राकेश यादव, कार्डियोलॉजी 
डॉ. राकेश कुमार, न्यूक्लियर मेडिसिन 
डॉ. एके बिशोई, प्रोफेसर, सीटीवीएस

गंगा राम अस्पताल के दो डॉक्टर भी हुए सम्मानित : सर गंगाराम अस्पताल के दो वरिष्ठ डॉक्टरों को भी डॉ. बीसी रॉय अवार्ड से सम्मानित किया गया है। सर गंगाराम अस्पताल के चेयरमैन डॉ. डीएस राणा और चेस्ट एवं थोरासिक सर्जरी के चेयरमैन डॉ. अरविंद कुमार भी यह  सम्मान मिला है। डॉ. राणा को नेफ्रोलॉजी क्षेत्र में बेहतर कार्य करने और डॉ. अरविंद कुमार को ‘एमिनेंट मेडिकल पर्सन’ के तहत सम्मानित किया गया है।

दिल्ली में कैंसर इलाज की सुविधा बढ़ाने की मांग

दिल्ली में कैंसर रोगियों के लिए इलाज की पर्याप्त सुविधा नहीं होने का मामला मंगलवार को  लोकसभा में गूंजा और इसे बेहतर बनाने की मांग की गई। भाजपा के शरद त्रिपाठी ने शून्यकाल में यह मामला उठाया और कहा कि कैंसर रोगियों के लिए दिल्ली के अस्पतालों में पर्याप्त सुविधा का अभाव है। उन्होंने कहा कि कैंसर पर छपने वाले एक अंतरराष्ट्रीय जर्नल में कहा गया है कि कैंसर अस्पतालों में रेडियो थैरेपी की मशीनें लगातार 14 घंटे तक चलती है। उन्होंने कहा कि रोगियों के अनुपात में इलाज की सुविधा के अभाव में ज्यादा रोगी दम तोड़ रहे हैं। जर्नल में कहा गया है कि 70 फीसदी मरीजों को थैरेपी नहीं मिल पाती है, जिसके कारण भारत में बड़ी संख्या में कैंसर रोगियों की मौत हो रही है। उन्होंने कहा कि सरकार को इस दिशा में विशेष ध्यान देना चाहिए और राष्ट्रीय राजधानी के कैंसर अस्पतालों में रोग के इलाज की सुविधा बढ़ाई जानी चाहिए। वहीं, राजद के शैलेश कुमार ने बिहार में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मामला उठाया। कहा कि अपना ग्रेड बढ़ाने के लिए कार्यकर्ता बिहार में तीन दिन से हड़ताल पर हैं। उनका मानदेय उनके लिए तय किए गए ग्रेड के अनुसार बढ़ाया जाना चाहिए।

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