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पिछड़ा वर्ग के समर्थन में आया आदिवासी समाज,दोपहर तीन बजे तक व्यापारी संघ ने दिया समर्थन …

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मनीष साहू : 19 अगस्त 2023

दोपहर 3 बजे तक व्यापारी संघ ने दिया समर्थन

सर्व पिछड़ा वर्ग समाज के समर्थन में शनिवार को भानुप्रतापपुर नगर सहित पूरा बस्तर संभाग बंद रहा। विगत कई वर्षों से आरक्षण व स्थानीय स्तर पर तृतीय व चतुर्थ वर्ग के पदों पर भर्ती सहित अपनी सात मांगो को लेकर पिछड़ा वर्ग समाज आंदोलनरत है। शनिवार को समाज के आव्हान पर पूरा बस्तर संभाग बन्द रहा। भानुप्रतापपुर के मुख्य चौक पर समाज के लोग बड़ी संख्या में एकत्रित हुए व धरना प्रदर्शन पश्चात रैली निकाल कर नारेबाजी की गई। अंत में मांगो का ज्ञापन एसडीएम को सौपा गया। सर्व आदिवासी समाज ने भी पिछड़ा वर्ग के मांगो को जायज बताते हुए अपना समर्थन दिया। वहीं दोपहर 3 बजे तक नगर के सभी प्रतिष्ठाने भी बंद रहे। रोजमर्रा की सामग्रियों के लिए लोग इधर-उधर भटकते भी नज़र आये।

पिछड़ा वर्ग समाज की प्रमुख मांगे:

o छग राज्य में अन्य पिछड़ा वर्ग के 52 प्रतिशत आबादी के आधार पर 27 प्रतिशत आरक्षण दिया जाए। o राज्य में अन्य पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग का स्वतंत्र मंत्रालय की स्थापना की घोषणा की गई है जिसे तत्काल लागु किया जाए। o बस्तर संभाग के प्रत्येक जिले में वर्तमान में 14 प्रतिशत अन्य पिछड़ा वर्ग का आरक्षण रोस्टर शत प्रतिशत लागृ किया जाए, जिससे वर्तमान में हो रही विभागीय भर्तियों में अन्य पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियोें के साथ न्याय हो सके। oबस्तर संभाग के अन्य पिछड़ा वर्ग को परंपरागत वनवासी होने के नाते पांचवी अनुसूची में शामिल किया जाए। oराज्य में बस्तर संभाग के त्रिस्तरीय पंचायत व्यवस्था में भारत सरकार के जनसंख्या गणना के आधार पर ग्राम पंचायतों में अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित किया जाए। oछग सरकार एवं oभारत सरकार द्वारा बस्तर संभाग में संचालित प्राथमिक शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा की पढ़ाई हेतु सभी आश्रम, छात्रावास में अन्य पिछड़ा वर्ग के छात्र-छात्राओं के लिए स्वत: 27 प्रतिशत आरक्षण और छात्रवृत्ति समान दिया जाए। oबस्तर संभाग में होने वाले समस्त भर्तियों में बस्तर के स्थानीय लोगों को भर्ती में लिया जाए।

ब्लाक अध्यक्ष अरविंद जैन ने कहा कि जिला नेतृत्व में बंद का आहवान किया गया था, जिसमे समस्त व्यापारी वर्ग एवं सर्व आदिवासी समाज का समर्थन मिला। उन्होंने आगे कहा कि सर्व पिछड़ा वर्ग समाज स्थानीय भर्ती में स्थानीय लोगो को प्राथमिकता प्रमुख मांग है, इनके अलावा अन्य मांगो को लेकर विगत कई वर्षों से लड़ाई लड़ रही है। आज पर्यन्त तक शासन प्रशासन द्वारा मांग पूरी नही की गई है। हरेश चक्रधारी ने कहा कि मांगो को लेकर उप चुनाव के पूर्व विधानसभा में प्रस्ताव लेकर राज्यपाल के पास भेजे थे लेकिन इस पर कोई पहल नही किया गया। केंद्र एवं राज्य सरकार से निवेदन है कि हमारी मांगो को पूरा करे अन्यथा आगे आंदोलन उग्र किये जायेंगे। आगामी कांकेर जिला में महा आंदोलन व दिल्ली जंतर मंतर तक जाएंगे। उन्होंने कहा कि 2011 के जनगणना में सर्व पिछड़ा वर्ग समाज की संख्या अधिक है, इसके बावजूद जो आरक्षण हमे मिलना चाहिए वो नही मिल पा रहा है। स्थानीय भर्ती में 14 प्रतिशत आरक्षण देने की बात कही जाती है लेकिन मात्र 2 से 3 प्रतिशत आरक्षण दिया जा रहा है।

कृष्णा टेकाम ने कहा कि क्षेत्र में जो आदिकाल से रह रहे चाहे कोई भी वर्ग के हो ऐसे स्थानीय भर्ती में महत्व दिया जाना चाहिए।
ललित नरेटी ने कहा कि सर्व पिछड़ा वर्ग समाज का बंद का हम समर्थन करते है, जो हमारी प्रमुख मांग है वह आरक्षण की ही है। संख्या व स्थानीय होने के नाते यह सुविधा मिलनी चाहिए।

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