रायपुर / छत्तीसगढ़
महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण विभाग की समीक्षा बैठक में रिक्त पदों की भर्ती, आंगनबाड़ी सुविधाओं और कुपोषण उन्मूलन पर विशेष जोर
हेडलाइंस
- बस्तर संभाग में गोंडी और हल्बी भाषा में होगा विभागीय योजनाओं का प्रचार-प्रसार।
- आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका और पर्यवेक्षक के रिक्त पद जल्द भरने के निर्देश।
- पोषण पुनर्वास केंद्रों और आंगनबाड़ी केंद्रों की सुविधाओं को मजबूत करने पर जोर।
- दिव्यांग और वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण से जुड़ी योजनाओं की भी हुई विस्तृत समीक्षा।
रायपुर। महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने मंत्रालय महानदी भवन में दोनों विभागों की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक लेकर अधिकारियों को जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक समयबद्ध तरीके से पहुंचाने के निर्देश दिए। बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती शहला निगार, दोनों विभागों के संचालक सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। मंत्री ने विभागीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, नियमित मॉनिटरिंग और जवाबदेही के साथ कार्य करने पर विशेष बल दिया।
गोंडी और हल्बी भाषा में होगा योजनाओं का व्यापक प्रचार
मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने हाल ही में बस्तर संभाग के प्रवास तथा केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अन्नपूर्णा देवी के साथ हुई चर्चा के अनुभव साझा करते हुए कहा कि दूरस्थ और जनजातीय क्षेत्रों में योजनाओं की सफलता के लिए स्थानीय भाषा में संवाद अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बस्तर संभाग में महिला एवं बाल विकास विभाग की सभी प्रमुख योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार गोंडी एवं हल्बी भाषा में किया जाए, ताकि प्रत्येक पात्र हितग्राही तक सही और स्पष्ट जानकारी पहुंच सके।
रिक्त पदों की भर्ती और आंगनबाड़ी सुविधाओं को मिलेगी गति
समीक्षा बैठक में मंत्री ने बस्तर संभाग में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका और पर्यवेक्षक के रिक्त पदों को आवश्यक स्वीकृति प्राप्त कर शीघ्र भरने के निर्देश दिए। इसके साथ ही दूरस्थ क्षेत्रों के आंगनबाड़ी केंद्रों में भवन, पेयजल, स्वच्छता, पोषण और अन्य मूलभूत सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण पर विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और प्रत्येक जिले में नियमित निरीक्षण एवं प्रभावी फॉलोअप सुनिश्चित किया जाए।
कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ पर सरकार का विशेष फोकस
मंत्री ने पोषण पुनर्वास केंद्रों (एनआरसी) में भर्ती बच्चों एवं उनकी माताओं को गुणवत्तापूर्ण उपचार, पौष्टिक भोजन और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है, इसलिए इस दिशा में सभी अधिकारियों को संवेदनशीलता और गंभीरता के साथ कार्य करना होगा।
दिव्यांगों और वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण की योजनाओं की भी समीक्षा
बैठक में समाज कल्याण विभाग की योजनाओं की भी विस्तार से समीक्षा की गई। मंत्री ने बस्तर संभाग में दिव्यांगजनों को सहायक उपकरणों का समयबद्ध वितरण, पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित करने तथा नियमित शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए। साथ ही सियान गुड़ी (डे-केयर सेंटर) और वृद्धाश्रमों में वरिष्ठ नागरिकों के लिए बेहतर आवास, पौष्टिक भोजन, स्वास्थ्य सुविधाएं और सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया।
विकास और विश्वास के माहौल को और मजबूत बनाने का आह्वान
बैठक के अंत में मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि बस्तर प्रवास के दौरान यह स्पष्ट महसूस हुआ है कि क्षेत्र में विकास और विश्वास का नया वातावरण बना है। ऐसे में विभाग की जिम्मेदारी और अधिक बढ़ जाती है कि शासन की प्रत्येक जनकल्याणकारी योजना तेजी से अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और उसका सकारात्मक प्रभाव धरातल पर स्पष्ट दिखाई दे।
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