स्वतंत्र छत्तीसगढ़
हाइलाइट बॉक्स:
• शिवरीनारायण के तेंदुवा धाम में 9 दिवसीय श्रीराम कथा का आयोजन
• मुख्यमंत्री ने संतों से आशीर्वाद लेकर प्रदेश की खुशहाली की कामना की
• कई धार्मिक-सांस्कृतिक परियोजनाओं का लोकार्पण
• “छत्तीसगढ़ सेवा, समर्पण और आस्था की भूमि” — सीएम साय
रायपुर, 27 अप्रैल 2026। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने जांजगीर-चांपा जिले के शिवरीनारायण स्थित तेंदुवा धाम में आयोजित 9 दिवसीय श्रीराम कथा में शामिल होकर प्रदेश की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं को नई दिशा दी। उन्होंने अपनी धर्मपत्नी के साथ आश्रम पहुंचकर विधिवत पूजा-अर्चना की और प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर उन्होंने पद्म विभूषण से सम्मानित जगद्गुरु रामभद्राचार्य महाराज से आशीर्वाद भी प्राप्त किया, जिससे कार्यक्रम का आध्यात्मिक महत्व और बढ़ गया।
आस्था और परंपरा का संगम
मुख्यमंत्री साय ने अपने संबोधन में कहा कि छत्तीसगढ़ की भूमि भगवान श्रीराम के चरणों से पावन रही है और यहां की परंपराएं आस्था, समर्पण और विश्वास की मिसाल हैं। उन्होंने माता शबरी की भक्ति का उल्लेख करते हुए कहा कि यह धरती सदियों से आध्यात्मिक चेतना का केंद्र रही है। तेंदुवा धाम में हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति इस बात का प्रमाण है कि प्रदेश में धार्मिक जागरण लगातार सशक्त हो रहा है।
धार्मिक परियोजनाओं का लोकार्पण
कार्यक्रम के दौरान आश्रम परिसर में हरिवंश औषधालय एवं पंचकर्म केंद्र, श्री राम-जानकी मंडपम, वैदिक पाठशाला, गौ मंदिर और हनुमत प्रवेश द्वार सहित कई परियोजनाओं का लोकार्पण किया गया। मुख्यमंत्री ने इन पहलों को सामाजिक और सांस्कृतिक विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताते हुए आश्रम प्रबंधन का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ऐसे केंद्र समाज में सेवा और संस्कार दोनों को मजबूत करते हैं।
राम मंदिर और प्रदेश की भागीदारी
मुख्यमंत्री ने अयोध्या में बने भव्य राम मंदिर का उल्लेख करते हुए कहा कि यह देश की सांस्कृतिक एकता का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ से मंदिर निर्माण के दौरान 11 ट्रक चावल और चिकित्सकों की टीम भेजी गई थी, जो प्रदेशवासियों की गहरी आस्था को दर्शाता है। श्रीरामलला दर्शन योजना के माध्यम से हजारों लोग अयोध्या जाकर दर्शन कर रहे हैं, जिससे धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिल रहा है।
शांति, विकास और सामाजिक समरसता पर जोर
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में प्रदेश में नक्सलवाद पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित हुआ है और अब राज्य शांति, विकास और सामाजिक समरसता की ओर तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने “छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया” को प्रदेश की पहचान बताते हुए कहा कि यहां की संस्कृति और जीवन मूल्य देशभर में विशिष्ट स्थान रखते हैं। कार्यक्रम में अनेक संत-महात्मा, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
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