रायपुर / छत्तीसगढ़
हाइलाइट्स:
• मैट्स विश्वविद्यालय रायपुर में दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन
• उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में प्रो. डॉ. मनोज दयाल की उपस्थिति
• वैज्ञानिक सोच, अंतःविषयक शिक्षा और भारतीय ज्ञान प्रणाली पर जोर
• देशभर के शिक्षाविदों द्वारा तकनीकी सत्रों में शोध और नवाचार पर चर्चा
उद्घाटन सत्र में वैज्ञानिक सोच पर जोर
रायपुर स्थित मैट्स विश्वविद्यालय के विज्ञान संकाय द्वारा 11 और 12 मार्च 2026 को इंपैक्ट सेंटर, पंदरी परिसर में “विकसित भारत के लिए वैश्विक वैज्ञानिक कल्याण” विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। बुधवार को आयोजित उद्घाटन सत्र में कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय रायपुर के कुलपति प्रोफेसर डॉ. मनोज दयाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता मैट्स विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर (डॉ.) के. पी. यादव ने की। अपने संबोधन में प्रो. दयाल ने वैज्ञानिक योगदान और वैज्ञानिक सोच के बीच अंतर स्पष्ट करते हुए कहा कि आज की शिक्षा प्रणाली को अंतःविषयक दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता है, जहां विज्ञान और प्रौद्योगिकी सामाजिक विज्ञान के साथ मिलकर समाज के व्यापक विकास में योगदान दें।

भारतीय ज्ञान प्रणाली और वैश्विक दृष्टिकोण पर चर्चा
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. (डॉ.) के. पी. यादव ने भारतीय ज्ञान प्रणाली के मूल्यों पर प्रकाश डाला और “वसुधैव कुटुंबकम” के आदर्श को वैज्ञानिक सोच के साथ जोड़ने की आवश्यकता बताई। सम्मेलन के संयोजक एवं विज्ञान संकाय के विभागाध्यक्ष डॉ. आशीष सराफ ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि यह सम्मेलन विभिन्न विषयों के वैज्ञानिकों और शोधार्थियों को एक मंच प्रदान करता है, जहां अनुसंधान और नवाचार के माध्यम से राष्ट्रीय विकास, पर्यावरणीय स्थिरता और सामाजिक कल्याण के नए आयामों पर विचार किया जा सकता है। यह आयोजन विश्वविद्यालय के कुलाधिपति श्री गजराज पगारिया और महानिदेशक श्री प्रियेश पगारिया के संरक्षण में आयोजित किया जा रहा है।

तकनीकी सत्रों में विशेषज्ञों के व्याख्यान
सम्मेलन के आयोजन सचिव और रजिस्ट्रार श्री गोकुलानंद पांडा ने सम्मेलन के उद्देश्य को रेखांकित करते हुए कहा कि 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने में वैज्ञानिक अनुसंधान की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। तकनीकी सत्र के पहले दिन पंडित रविशंकर शुक्ला विश्वविद्यालय के प्रोफेसर के. के. शुक्ला ने खाद्य उद्योग की चुनौतियों और भारत की जीडीपी वृद्धि में उसकी भूमिका पर विस्तार से चर्चा की। वहीं बीआईटी रायपुर की प्रोफेसर डॉ. सुनीता साहू ने भारी धातु विषाक्तता और उसके जैव-रासायनिक प्रभावों पर व्याख्यान दिया। सम्मेलन के दूसरे दिन पुणे स्थित एनसीएल के प्रोफेसर (डॉ.) रोहित शर्मा और गवर्नमेंट कॉलेज हरई, छिंदवाड़ा की प्रोफेसर (डॉ.) सपना राय सहित कई प्रख्यात शिक्षाविद अपने नवोन्मेषी व्याख्यान प्रस्तुत करेंगे। कार्यक्रम में सह-संयोजक डॉ. प्रशांत मुंडेजा, अनुसंधान एवं विकास निदेशक डॉ. मनीषा अग्रवाल, वाणिज्य एवं प्रबंधन विभाग के प्रमुख डॉ. उमेश गुप्ता, सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के प्रमुख डॉ. ओमप्रकाश चंद्रकार सहित अनेक संकाय सदस्य, शोधार्थी और छात्र उपस्थित रहे।
ख़बरें और भी…


