पशुधन को ब्रुसेलोसिस रोग से बचाव हेतु टीकाकरण अभियान शुरू ..

पत्थलगांव : 18 मार्च 2023 (संजय तिवारी )


छत्तीसगढ़ शासन के पशुधन विभाग द्वारा चार से आठ माह के बछड़े एवं पाड़ी को जीवाणु जनित ब्रुसेलोसिस रोग से बचाव के लिए यह टीका लगाया जा रहा है। सहायक पशु चिकित्सा अधिकारी के.के. पटेल ने बताया, कि गाय-भैंस के बाछी व पाड़ी में इन टीकों के देने के बाद से उनमें ब्रुसेलोसिस नामक बीमारी उम्र भर नहीं होती है। इस कारण इन पशुओं का ब्रुसेलोसिस बीमारी से बचाव हो जाता है।

क्या इस रोग का इलाज है ?:- नहीं,हाल के वर्षों में इस बीमारी के कारण सैकड़ों पशुओं के प्रभावित होने के कारण इससे बचाव करने के लिए विभाग के द्वारा नि:शुल्क टीकाकरण किया जा रहा है। इस बीमारी का कोई इलाज नहीं है। इस कारण टीका को ही इसके बचाव का सबसे बड़ा व सफल तरीका माना जाता है।

क्या यह रोग खतरनाक है ?:-इस रोग से प्रभावित मादा पशुओं में गर्भावस्था के प्राय अंतिम तीन माह में गर्भपात हो जाता है। इसके अलावा गर्भकाल पूरा होने के बाद भी मृत बच्चे का जन्म इस बीमारी के कारण हो जाता है। वहीं इससे पशुओं में बांझपन भी बढ़ता है। इस रोग से ग्रस्त गाय व भैंस दूध भी काफी कम देती है।

क्या मानव शरीर को भी इसका असर होता है ? मानव शरीर में भी इस बीमारी को पाया जा सकता है | ब्रुसेलोसिस वाले लोगों को बुखार, पसीना, सिरदर्द, पीठ दर्द और शारीरिक कमजोरी हो सकती है। गंभीर मामलों में, केंद्रीय तंत्रिका तंत्र और हृदय की परत प्रभावित हो सकती है। बीमारी के एक रूप में बार-बार होने वाले बुखार, जोड़ों में दर्द और थकान सहित लंबे समय तक चलने वाले लक्षण भी हो सकते हैं|

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