बिलासपुर: 02 अप्रैल 2025 (टीम)
बिलासपुर। रामनवमी के पावन पर्व पर अयोध्या धाम के दिव्य दर्शन के लिए भव्य यात्रा का आयोजन किया जा रहा है। इस विशेष यात्रा में 1008 राम भक्त शामिल होंगे, जिनके लिए समर्पित रूप से तैयारियां की जा रही हैं। भक्तों में आस्था और उत्साह का संचार करते हुए यात्रा की व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया गया है। मंगलवार को यात्रा संयोजक प्रवीण झा की अध्यक्षता में एक बैठक आयोजित की गई, जिसमें यात्रा की सभी तैयारियों की समीक्षा की गई। इस दौरान दर्शनार्थियों के लिए दिशा-निर्देश भी जारी किए गए।
यात्रा की व्यवस्थाएं और समितियों का गठन:
हंसाविहार स्थित कार्यालय में आयोजित बैठक में विभिन्न समितियों का गठन किया गया और उन्हें अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गईं। श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और सुचारू संचालन को ध्यान में रखते हुए 21 एसी बसों की व्यवस्था की गई है। इसके अतिरिक्त, चिकित्सा दल और सुरक्षा दल की भी विशेष तैनाती सुनिश्चित की गई है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सहायता उपलब्ध कराई जा सके। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की आवश्यकताओं का विशेष ध्यान रखा गया है, जिसके तहत भोजन, जलपान और विश्राम स्थलों की समुचित व्यवस्था की गई है।
यात्रा संयोजक प्रवीण झा ने बताया कि इस यात्रा का एकमात्र उद्देश्य भगवान श्रीराम के दिव्य दर्शन कराना और सनातन परंपरा को जीवंत बनाए रखना है। बैठक में आयोजन समिति के सदस्य एवं स्वयंसेवक भी उपस्थित थे। प्रमुख रूप से रामप्रताप सिंह, रौशन सिंह, त्रिभुवन सिंह, ए.के. कंठ, रिंकू मित्रा, मुकेश झा, हरिशंकर कुशवाहा, सागर साहू, सनद पटेल, संतोष सिंह, संतोष चौहान, अभिषेक साहू, संजय द्विवेदी, सन्नी गिरी, जयदीप घोष, चन्द्रकिशोर प्रसाद, शैलेन्द्र सिंह, शुभम राय, अशोक पाण्डेय, सूरज कौशिक, अजित पंडित, उचित सूद, राकेश राय, वैंकट नायडू, राजीव अग्रवाल, निभा दास, भाग्य लक्ष्मी, निहारिका त्रिपाठी, नितीन श्रीवास्तव, राजकुमार जैसवानी, योगेश बोले, रुपेश कुशवाहा सहित अन्य सदस्य इस बैठक में उपस्थित रहे।
यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाने की व्यवस्था:
यात्रा को पूरी तरह से सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए पुलिस एवं स्वयंसेवकों की टीम तैनात की जाएगी। हर बस में एक स्वयंसेवकों की टीम मौजूद रहेगी, जो दर्शनार्थियों की सहायता करेगी। साथ ही, आपात स्थिति में सहायता के लिए एंबुलेंस और चिकित्सा दल की भी तैनाती की गई है।
दर्शनार्थियों के लिए दिशा-निर्देश:
- सभी भक्त भगवा वस्त्र धारण कर 5 अप्रैल की सुबह 10 बजे पुलिस मैदान में पहुंचेंगे।
- भक्तों को अपनी मूल पावती और आधार कार्ड साथ रखना अनिवार्य होगा।
- प्रस्थान से पहले आई-कार्ड का वितरण सुबह 10:30 से 11:30 बजे तक किया जाएगा।
- मूल पावती जमा करने पर ही आई-कार्ड एवं अन्य सामग्री का पैकेट मिलेगा।
- बस में प्रवेश के लिए आधार कार्ड साथ लाना एवं आई-कार्ड पहनना अनिवार्य होगा।
- दर्शनार्थियों को बस इंचार्ज के दिशा-निर्देशों का पालन करना होगा।
यात्रा का मार्ग और समय-सारिणी:
- 5 अप्रैल को दोपहर 1 बजे पुलिस ग्राउंड से बसें अयोध्या धाम के लिए प्रस्थान करेंगी।
- रात्रि भोजन की व्यवस्था अंबिकापुर में की गई है, जिसके लिए 45 मिनट का समय निर्धारित किया गया है।
- अंबिकापुर से रात में ही प्रयागराज के लिए प्रस्थान होगा, जहां सुबह 5 बजे पहुंचने की योजना है।
- प्रयागराज में दैनिक क्रियाओं के बाद संगम स्नान होगा, तत्पश्चात बसें सुबह 6:30 बजे अयोध्या के लिए प्रस्थान करेंगी।
- यदि कोई यात्री प्रयागराज में देरी करता है और बस छूट जाती है, तो उसे अपने स्वयं के साधन से अयोध्या पहुंचना होगा।
- प्रयागराज से निकलते समय बस में नाश्ते के पैकेट वितरित किए जाएंगे।
- अयोध्या पहुंचने के बाद सूर्या पैलेस होटल में विश्राम और दोपहर का भोजन होगा।
- 6 अप्रैल को दोपहर भोजन के पश्चात भगवा वस्त्र धारण कर 1008 भक्तों का जत्था प्रभु रामलला के दर्शन हेतु प्रस्थान करेगा।
- शाम 7 बजे सूर्या पैलेस होटल में आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसके बाद रात्रि भोजन और फिर वापसी यात्रा प्रारंभ होगी।
अनुशासन संबंधी महत्वपूर्ण नियम:
- हर दर्शनार्थी को अपनी निर्धारित बस में ही यात्रा करनी होगी।
- अन्य बस में यात्रा करने की अनुमति नहीं होगी, और उल्लंघन करने वाले श्रद्धालुओं की यात्रा स्थगित कर दी जाएगी।
यह भव्य यात्रा राम भक्तों के लिए एक अविस्मरणीय अनुभव साबित होगी, जहां वे प्रभु श्रीराम के दर्शन कर अपनी श्रद्धा को और अधिक प्रगाढ़ कर सकेंगे। आयोजकों ने भक्तों से अनुरोध किया है कि वे निर्धारित नियमों का पालन करें, ताकि यात्रा सुव्यवस्थित और सुगम बनी रहे।
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