CGMSC का कारनामा: एक काम के लिए दो टेंडर, दोनों में अलग-अलग नियम एवं शर्तें…

रायपुर: 01 अप्रैल 2025 (टीम)

छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेस कॉरपोरेशन लिमिटेड (CGMSC) एक बार फिर विवादों में है। इस बार मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले में बनने वाले 200 बिस्तर वाले जिला अस्पताल के निर्माण को लेकर गड़बड़ी का आरोप लगाया गया है। विधायक इंद्रशाह मंडावी ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को पत्र लिखकर इस मामले की जांच की मांग की है।

विधायक इंद्रशाह मंडावी का आरोप

विधायक इंद्रशाह मंडावी ने अपने पत्र में बताया कि CGMSC द्वारा 22 अगस्त 2024 को ऑनलाइन टेंडर जारी किया गया था। टेंडर जमा करने की अंतिम तिथि 12 सितंबर 2024 तय की गई थी और टेंडर खोलने की तिथि 13 सितंबर 2024 थी। इस टेंडर में तीन कंपनियों – रामराजा मिनरल्स एंड कंस्ट्रक्शन प्रा. लिमिटेड रायपुर, वीर प्रोजेक्ट कंपनी और नाकोड़ा कंस्ट्रक्शन दल्ली राजहरा – ने आवेदन किया था।

तीन महीने की देरी और गड़बड़ी

टेंडर खोलने की तिथि 13 सितंबर 2024 थी, लेकिन विभाग ने इसे तीन महीने बाद 5 दिसंबर 2024 को खोला। इस दौरान रामराजा मिनरल्स एंड कंस्ट्रक्शन प्रा. लिमिटेड और वीर प्रोजेक्ट कंपनी के टेंडर तकनीकी कारणों से रद्द कर दिए गए, जिससे केवल नाकोड़ा कंस्ट्रक्शन ही बची रही। इसके बाद इस कंपनी को 35 करोड़ 65 लाख रुपए का ठेका दे दिया गया।

दो टेंडर, अलग-अलग शर्तें

विधायक मंडावी ने बताया कि 28 अगस्त 2023 को पहले भी इसी काम के लिए एक टेंडर जारी किया गया था, जिसमें सुपेला भिलाई के अमित जैन को ठेका मिला था। लेकिन किसी कारणवश इसे रद्द कर दिया गया। इसके बाद 22 अगस्त 2024 को दोबारा टेंडर जारी किया गया, लेकिन इसमें शर्तें और नियम पहले टेंडर से अलग थे।

नियमों की अनदेखी?

नियमों के अनुसार, यदि किसी टेंडर में एक ही कंपनी बचती है तो उसे बिना पुनः टेंडर निकाले ठेका नहीं दिया जा सकता। लेकिन, इस मामले में ऐसा नहीं किया गया। इस गड़बड़ी को लेकर विधायक ने सीएम से जांच की मांग की है।

सरकार की प्रतिक्रिया का इंतजार:

अब इस मामले में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय या अन्य सरकारी अधिकारियों की क्या प्रतिक्रिया होती है, यह देखना बाकी है। यदि इसमें गड़बड़ी साबित होती है, तो CGMSC की साख पर एक और बड़ा सवालिया निशान लग सकता है।

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