सुकमा : 29 मार्च 2025 (टीम)
छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित सुकमा जिले में सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता मिली है। अब तक के सबसे बड़े नक्सल विरोधी अभियान में 17 नक्सली मारे गए हैं, जिनमें 11 महिलाएं शामिल हैं। इस मुठभेड़ में दरभा डिवीजन सचिव और 25 लाख के इनामी नक्सली कुहरामी जगदीश उर्फ बुधरा को भी मार गिराया गया है। सुरक्षाबलों ने मौके से भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक बरामद किए हैं।
झीरम कांड का आरोपी जगदीश मारा गया:
मारे गए नक्सलियों में से सात की पहचान हो चुकी है। इनमें 25 लाख का इनामी नक्सली कुहरामी जगदीश शामिल था, जो दरभा डिवीजन का प्रभारी था। वह 2013 में हुए झीरम घाटी हमले में शामिल था, जिसमें कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता मारे गए थे। इसके अलावा, वह 2023 में सुकमा जिले के अरनपुर में आईईडी विस्फोट में 10 जवानों की शहादत का भी मुख्य आरोपी था।अन्य मारे गए नक्सलियों में ACM रोशन उर्फ भीमा पोडियम, ACM सलवम जोगी, ACM माड़वी देवे, सुरक्षा दलम कमांडर दसरी कोवासी, पार्टी सदस्य हूँगी, और प्लाटून मेडिकल टीम प्रभारी हिड़मे कोरमा शामिल हैं। इन सभी पर विभिन्न नक्सली घटनाओं में शामिल होने के आरोप थे।
भारी मात्रा में हथियार बरामद:
मुठभेड़ के बाद सर्च ऑपरेशन में सुरक्षाबलों को भारी मात्रा में हथियार मिले हैं। बरामद हथियारों में 2 AK-47, 2 इंसास राइफल, 1 SLR राइफल, 4 भरमार बंदूकें, 1 सिंगल शॉट गन, 1 देशी कट्टा और BGL लॉन्चर शामिल हैं। इसके अलावा, बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री और कारतूस भी बरामद हुए हैं।
गोगुंडा की पहाड़ियों में चला ऑपरेशन:
यह मुठभेड़ सुकमा जिले के गोगुंडा पहाड़ी क्षेत्र में हुई, जहां सुरक्षाबलों ने नक्सलियों को चारों ओर से घेर लिया। पुलिस अधीक्षक (SP) किरण चव्हाण ने बताया कि ऑपरेशन के दौरान नक्सलियों को भारी नुकसान हुआ है और अब भी सर्च ऑपरेशन जारी है।
सुरक्षा बलों की बहादुरी को सलाम:
इस ऑपरेशन में DRG (डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड) और CRPF (केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल) के जवानों ने भाग लिया। मुठभेड़ के दौरान DRG के दो जवान घायल हुए हैं, लेकिन वे खतरे से बाहर हैं। बस्तर आईजी पी. सुंदरराज ने कहा कि यह ऑपरेशन नक्सलियों के खिलाफ बड़ी सफलता है और इससे क्षेत्र में शांति बहाल करने में मदद मिलेगी।
गृहमंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का बयान:
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा, “सुरक्षाबलों ने नक्सलवाद पर एक और करारा प्रहार किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में, हम 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद को पूरी तरह खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।” छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भी सुरक्षा बलों को बधाई देते हुए कहा कि उनकी सरकार नक्सलवाद के खिलाफ पूरी मजबूती से खड़ी है।
नक्सल उन्मूलन की ओर एक और कदम:
सुकमा में हुई इस बड़ी मुठभेड़ से स्पष्ट है कि सरकार और सुरक्षा बल नक्सलवाद को जड़ से खत्म करने के लिए सख्त कदम उठा रहे हैं। इस सफलता से जवानों का हौसला बढ़ेगा और नक्सल प्रभावित इलाकों में शांति बहाल करने में मदद मिलेगी।
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