सारंगढ़-बिलाईगढ़: 27 मार्च 2025:
जिले में गर्मी के मौसम में पानी की कमी को देखते हुए कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी धर्मेश कुमार साहू ने छत्तीसगढ़ पेयजल परिरक्षण अधिनियम, 1986 के तहत सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले को 1 अप्रैल 2025 से 31 जुलाई 2025 तक जलाभावग्रस्त क्षेत्र घोषित किया है। इस आदेश को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
इस अवधि में जिले में सक्षम अधिकारी की पूर्वानुमति के बिना नया नलकूप (बोरवेल) खनन प्रतिबंधित रहेगा। यह रोक न केवल पेयजल बल्कि किसी भी अन्य प्रयोजन के लिए नलकूप खनन पर भी लागू होगी।
हालांकि, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHE) को संपूर्ण जिले में, तथा नगरपालिका परिषद एवं नगर पंचायतों को अपने नगरीय क्षेत्रों में सिर्फ पेयजल प्रयोजन के लिए नलकूप खनन की छूट दी गई है। लेकिन उन्हें इस दौरान किए गए सभी नलकूप खनन की जानकारी प्राधिकृत अधिकारी को देना अनिवार्य होगा।
नगर और ग्रामीण क्षेत्रों में नलकूप खनन के लिए अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) से विधिवत अनुमति लेना आवश्यक होगा।
- सारंगढ़ क्षेत्र के लिए एसडीएम सारंगढ़ और
- बिलाईगढ़ क्षेत्र के लिए एसडीएम बिलाईगढ़
को प्राधिकृत अधिकारी नियुक्त किया गया है, जो नलकूप खनन की अनुमति देने या रोकने का निर्णय लेंगे।
यदि कोई व्यक्ति या एजेंसी इस आदेश का उल्लंघन कर बिना अनुमति नलकूप खनन करते हुए पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
जिला प्रशासन ने आमजन से जल संरक्षण में सहयोग देने और बिना अनुमति नलकूप खनन न करने की अपील की है। प्रशासन का कहना है कि यह कदम गर्मी के मौसम में पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है, जिससे आम जनता को परेशानी का सामना न करना पड़े।
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