बिलासपुर: 23 मार्च 2025 (भूषण )
कोटा विकासखंड में एक दिवंगत शिक्षक के स्वत्वों के भुगतान के एवज में रिश्वत मांगने के आरोप में कलेक्टर ने कड़ा कदम उठाया है। शिक्षक की शिक्षिका पत्नी द्वारा जनदर्शन में की गई शिकायत के बाद प्रारंभिक जांच में आरोप सही पाए गए। इसके बाद कोटा बीईओ विजय टांडे को पद से हटाते हुए उनके खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं, जबकि क्लर्क एकादशी पोर्ते को निलंबित कर दिया गया है।
शिक्षिका ने जनदर्शन में की थी शिकायत:
कोटा विकासखंड की शिक्षिका नीलम भारद्वाज ने कलेक्टर अवनीश शरण को एक लिखित शिकायत सौंपी थी। इसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि उनके दिवंगत शिक्षक पति के स्वत्वों के भुगतान के लिए बीईओ और क्लर्क द्वारा 1.34 लाख रुपये की रिश्वत मांगी जा रही है। बीईओ को जानकारी देने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं की गई, जिससे वे परेशान थीं।
कलेक्टर के निर्देश पर हुई जांच, दोषी पाए गए अधिकारी:
शिकायत को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने मामले की जांच के आदेश दिए। जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा की गई जांच में आरोप सही पाए गए। रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ कि बीईओ विजय टांडे और क्लर्क एकादशी पोर्ते ने शिक्षिका को जानबूझकर परेशान किया और बिना रिश्वत लिए स्वत्वों का भुगतान नहीं किया जा रहा था।
कड़ी कार्रवाई, एक निलंबित, दूसरे पर विभागीय जांच:
जांच रिपोर्ट के आधार पर कलेक्टर अवनीश शरण ने बीईओ विजय टांडे को उनके पद से हटा दिया और उनके खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए। तब तक के लिए उन्हें खुरदुर कोटा में प्राचार्य पद पर नियुक्त किया गया है। वहीं, डीईओ अनिल तिवारी ने सहायक वर्ग-2 एकादशी पोर्ते को निलंबित कर दिया। निलंबन के दौरान उन्हें रतनपुर हायर सेकेंडरी स्कूल में मुख्यालय निर्धारित किया गया है, जहां उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा।
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