रायपुर : 22 मार्च 2025 (sc टीम)
छत्तीसगढ़ कोयला घोटाला मामले में फंसी पूर्व आईएएस अधिकारी रानू साहू की मुश्किलें बढ़ गई हैं। हाईकोर्ट ने शुक्रवार को उनकी दो अग्रिम जमानत याचिकाओं को खारिज कर दिया। जस्टिस नरेंद्र कुमार व्यास की सिंगल बेंच ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए यह फैसला सुनाया। इस फैसले के बाद साहू को राहत नहीं मिली है और वह फिलहाल रायपुर सेंट्रल जेल में ही रहेंगी।
क्या है मामला?
रानू साहू पर आरोप है कि उन्होंने सूर्यकांत तिवारी के कोयला लेवी सिंडिकेट की मदद की, जो कोयला डिलीवरी ऑर्डर पर प्रति टन 25 रुपये की अवैध वसूली करता था। इसके अलावा, भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) और आर्थिक अपराध शाखा (EOW) की जांच में पाया गया कि साहू और उनके परिवार के पास आय से अधिक संपत्ति है।
शिकायत के अनुसार, 2015 से 2022 तक उन्होंने 24 अचल संपत्तियां खरीदीं, जबकि 2011 से 2022 तक उनकी कुल वेतन आय 92 लाख रुपये थी। इसके बावजूद उन्होंने 3.93 करोड़ रुपये की संपत्ति अर्जित की। इस आधार पर उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 और आईपीसी की धारा 120बी, 420 सहित अन्य धाराओं में मामले दर्ज किए गए।
कोर्ट ने क्यों खारिज की जमानत याचिका?
रानू साहू की ओर से गिरफ्तारी से बचने के लिए दो अग्रिम जमानत याचिकाएं लगाई गई थीं, जिन पर 31 जनवरी 2025 को फैसला सुरक्षित रखा गया था। लेकिन हाईकोर्ट ने अपराध की गंभीरता और भ्रष्टाचार के सबूतों को देखते हुए उनकी याचिकाएं खारिज कर दीं।
अब इस फैसले के बाद रानू साहू को जेल में ही रहना होगा, जबकि उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ेगी। इस मामले में आगे की सुनवाई और जांच पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।
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