रायपुर : 21 मार्च 2025 (भूषण )
छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर एक बार फिर बहस तेज हो गई है। भाजपा के वरिष्ठ नेता और विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने रायपुर स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के निदेशक की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
अग्रवाल ने आरोप लगाया कि एम्स रायपुर में मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिल रहा है और चिकित्सा सेवाओं में लापरवाही बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि संस्थान में पर्याप्त संसाधन होने के बावजूद मरीजों को भर्ती करने से मना किया जाता है। साथ ही, अस्पताल के स्टाफ द्वारा मरीजों के परिजनों के साथ अभद्र व्यवहार करने की भी शिकायतें मिल रही हैं।
अग्रवाल ने दावा किया कि जब भी उनके कार्यालय से एम्स रायपुर के निदेशक से संपर्क करने की कोशिश की गई, तो कोई जवाब नहीं दिया गया। उन्होंने केंद्र सरकार और स्वास्थ्य मंत्रालय से इस मामले की गंभीर जांच करने और एम्स प्रबंधन को जवाबदेह बनाने की मांग की है।
राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने दी सफाई:
इस मामले में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने सफाई देते हुए कहा कि एम्स रायपुर में कुल 33 विभागों में 1098 बिस्तर उपलब्ध हैं। इसके बावजूद, मई 2024 से सितंबर 2024 तक 2546 मरीजों को अन्य अस्पतालों में रेफर किया गया। उन्होंने कहा कि सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। अगर मरीजों को भर्ती करने से मना किया जा रहा है या स्टाफ द्वारा दुर्व्यवहार किया जा रहा है, तो इस पर उच्च स्तरीय जांच की जाएगी।
राजनीतिक हलचल तेज:
बृजमोहन अग्रवाल के इस बयान के बाद राज्य की राजनीति में उथल-पुथल मच गई है। विपक्ष ने इसे स्वास्थ्य सेवाओं की विफलता करार दिया, जबकि प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा और गरमाने की संभावना है, क्योंकि स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति को लेकर जनता में भी असंतोष बढ़ रहा है।
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