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अग्नि सीजन 2025: वन विभाग की त्वरित कार्यवाही से जंगलों में आग पर नियंत्रण…

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कवर्धा : 18 मार्च 2025 (संजीव पाण्डेय )

वन क्षेत्र में बढ़ते तापमान और शुष्क मौसम के कारण अग्नि की घटनाओं में वृद्धि हो रही है। ऐसे में कवर्धा वनमंडल के समस्त परिक्षेत्रों में वन विभाग के अधिकारी, कर्मचारी, फायर वॉचर और वन प्रबंधन समितियों के सदस्य लगातार सतर्कता बरत रहे हैं। सेटेलाइट मॉनिटरिंग, क्षेत्रीय भ्रमण, फॉरेस्ट कंट्रोल रूम और अन्य विभिन्न माध्यमों से प्राप्त सूचनाओं के आधार पर अग्नि प्रकरणों पर त्वरित कार्यवाही की जा रही है, जिससे आग पर प्रभावी नियंत्रण संभव हो पा रहा है।

वनमंडलाधिकारी ने बताया कि वन संरक्षण के लिए विशेष रणनीति अपनाई गई है, जिसके तहत आग बुझाने के लिए सभी परिक्षेत्रों में पर्याप्त संख्या में फायर ब्लोअर उपलब्ध कराए गए हैं। इसके अलावा, वन प्रबंधन समिति और स्थानीय ग्रामीणों की सहायता से प्रभावित क्षेत्रों में तुरंत राहत कार्य किया जा रहा है। वन विभाग की टीम 24 घंटे सक्रिय रहकर अग्नि प्रकरणों की निगरानी कर रही है, ताकि जंगलों को आग से बचाया जा सके।

कवर्धा वनमंडल में एक फॉरेस्ट फायर कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है, जो 24 घंटे कार्यरत है। वनमंडलाधिकारी ने बताया कि कंट्रोल रूम के दो हेल्पलाइन नंबर 78987-75699 एवं 96300-60303 जारी किए गए हैं, जिन पर किसी भी नागरिक द्वारा सूचना दी जा सकती है। इन नंबरों पर प्राप्त सूचनाओं को तुरंत संबंधित परिक्षेत्र के अधिकारियों, कर्मचारियों और फायर वॉचर्स को भेजा जाता है, जिससे त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित होती है।

गर्मियों के दौरान तेंदूपत्ता संग्रहण कार्य भी चलता रहता है, जिससे जंगलों में आग लगने की संभावना अधिक होती है। इसे ध्यान में रखते हुए तेंदूपत्ता शाखकर्तन समिति के सभी प्रबंधकों और फड़ मुंशियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। उन्हें कहा गया है कि वे बूटा कटाई कार्य पूरी सावधानी के साथ करें ताकि किसी भी प्रकार की अग्नि दुर्घटना न हो।

वनमंडलाधिकारी ने कहा कि वन एवं वन्यजीवों की सुरक्षा केवल विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि स्थानीय ग्रामीणों, सरपंचों, पंचों और वन प्रबंधन समिति के सदस्यों की भी अहम भूमिका है। इसीलिए उन्हें भी लगातार जागरूक किया जा रहा है और जंगलों में गश्त करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। अधिकारी-कर्मचारी ग्रामीणों से सतत संपर्क बनाए हुए हैं ताकि किसी भी आग की घटना पर तुरंत नियंत्रण पाया जा सके।

युद्ध स्तर पर जारी है बचाव अभियान:

वनमंडलाधिकारी ने बताया कि पूरे वनमंडल में वन अग्नि नियंत्रण अभियान को युद्ध स्तर पर संचालित किया जा रहा है। सेटेलाइट इमेज, क्षेत्रीय गश्त और कंट्रोल रूम से प्राप्त सूचनाओं के आधार पर त्वरित कार्यवाही की जा रही है। वनकर्मियों और स्थानीय समुदाय की मुस्तैदी के चलते अब तक कई बड़े अग्निकांडों को टाला जा चुका है।

वन विभाग ने जनता से अपील की है कि वे जंगलों में आग न लगाएं और यदि कहीं आग लगती है, तो तुरंत वन विभाग को सूचित करें। विभाग द्वारा किए जा रहे प्रयासों और आम जनता की जागरूकता से इस वर्ष जंगलों को आग से बचाने में सफलता मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

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