जगदलपुर : 13 मार्च 2025 (स्वतंत्र छत्तीसगढ़)
बस्तर जिले में चल रहे उल्लास नवभारत साक्षरता अभियान के तहत 45 हजार निरक्षर लोगों को साक्षर बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इस अभियान के तहत अब तक 38 हजार लोग 200 घंटे की पढ़ाई पूरी कर चुके हैं और अब उन्हें राष्ट्रव्यापी महापरीक्षा में शामिल किया जाएगा। इस परीक्षा के बाद योग्य अभ्यर्थियों को साक्षरता प्रमाण पत्र भी दिया जाएगा।
23 मार्च को होगी परीक्षा:
जिला शिक्षा अधिकारी बलिराम बघेल ने बताया कि इस अभियान की शुरुआत 2022 में हुई थी, जिसका लक्ष्य 2025 तक पूरा करना है। अब तक 38 हजार शिक्षार्थी पढ़ाई पूरी कर चुके हैं, और 23 मार्च 2025 को परीक्षा देकर अपनी साक्षरता साबित करेंगे। परीक्षा में पढ़ने-लिखने और गणित के सवाल शामिल होंगे, जिससे वे न केवल साक्षर बल्कि गणित में भी दक्ष हो सकेंगे।
15 वर्ष से अधिक आयु के लोग शामिल:
इस अभियान में 15 वर्ष से अधिक आयु के लोग शामिल हैं, जिनमें वे लोग भी हैं जिन्होंने कभी स्कूल नहीं देखा या प्राथमिक शिक्षा के बाद पढ़ाई छोड़ दी थी। इसमें 40 वर्ष से अधिक आयु के लोग भी बड़ी संख्या में भाग ले रहे हैं। जिले में 3600 केंद्रों पर इस अभियान को सफल बनाने के लिए कक्षाएं चलाई जा रही हैं।
साक्षरता की ओर बढ़ता बस्तर:
शासन की इस पहल से हजारों लोगों को नई उम्मीद मिली है। ग्रामीण स्तर पर विशेष प्रयासों के चलते लोग पढ़ाई के लिए आगे आ रहे हैं। आगामी महापरीक्षा के सफल आयोजन के लिए बकावंड ब्लॉक समेत सभी 7 ब्लॉकों में निरीक्षण किया गया है और तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
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