छत्तीसगढ़: 13 मार्च 2025
छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पूर्व आबकारी मंत्री और कोंटा विधायक कवासी लखमा के खिलाफ विशेष अदालत में 3773 पन्नों का चालान पेश किया है। इस चालान में अनवर ढेबर, अनिल टुटेजा समेत 9 अन्य आरोपी और 12 डिस्टलर्स को भी आरोपी बनाया गया है।
ED की रिपोर्ट में गंभीर आरोप
ED द्वारा पेश किए गए दस्तावेजों के मुताबिक, कवासी लखमा को इस घोटाले की पूरी जानकारी थी और उन्हें हर महीने 1.5 करोड़ रुपये मिलते थे। ED ने इस घोटाले में पूर्व IAS अधिकारी अनिल टुटेजा, अनवर ढेबर और अरुणपति त्रिपाठी को मास्टरमाइंड बताया है।
2000 करोड़ रुपये के घोटाले का खुलासा
यह मामला तब का है जब छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार थी। आरोप है कि प्रदेश में शराब बिक्री से जुड़े भ्रष्टाचार में बड़े पैमाने पर कमीशनखोरी हुई। कहा जा रहा है कि घोटाले की रकम 2000 करोड़ रुपये से अधिक हो सकती है।
लखमा के ठिकानों पर ED की छापेमारी
पूर्व मंत्री की गिरफ्तारी से पहले ED ने रायपुर और सुकमा स्थित उनके ठिकानों पर छापा मारा था। इसके अलावा, उनके बेटे हरीश कवासी, सुकमा नगर पालिका अध्यक्ष राजू साहू और पूर्व OSD जयंत देवांगन समेत कई अन्य करीबियों के ठिकानों पर भी छापे डाले गए थे। 15 घंटे चली इस कार्रवाई में ED ने कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए थे, जिससे इस घोटाले की परतें खुलीं।
क्या होगी आगे की कार्रवाई?
ED की इस कार्रवाई से राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि अदालत में इस मामले की सुनवाई कैसे आगे बढ़ती है और क्या कवासी लखमा समेत अन्य आरोपियों पर शिकंजा और कसता है।
खबरें और भी…