रायपुर: 12 मार्च 2025 (स्वतंत्र छत्तीसगढ़)
छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने केंद्रीय जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की छापेमारी को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और ईडी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि यह छापेमारी भाजपा के इशारे पर की जा रही है और इसका उद्देश्य उन्हें राजनीतिक रूप से परेशान करना है।
ईडी की कार्रवाई में बघेल के घर से 33 लाख रुपये बरामद हुए हैं, जिस पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा, “यह राशि मेरे परिवार की आय के विभिन्न स्रोतों – खेती, डेयरी और स्त्रीधन से आई है। इसका पूरा हिसाब देने के लिए मैं तैयार हूं।” उन्होंने इसे राजनीतिक षड्यंत्र करार देते हुए दावा किया कि भाजपा सरकार विपक्षी नेताओं को दबाने के लिए जांच एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है।
शराब घोटाले की जांच के नाम पर कार्रवाई
ईडी ने यह छापेमारी छत्तीसगढ़ शराब घोटाले की जांच के तहत की है, जिसमें आरोप है कि 2019 से 2022 के बीच राज्य में शराब व्यापार में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी हुई, जिससे सरकारी राजस्व को भारी नुकसान पहुंचा। जांच एजेंसी के मुताबिक, इस घोटाले से 2,100 करोड़ रुपये का फर्जी लेन-देन हुआ। हालांकि, बघेल ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उनके घर से मिली रकम का इससे कोई लेना-देना नहीं है।
पेन ड्राइव में बड़ा खुलासा
बघेल ने एक और बड़ा दावा करते हुए कहा कि ईडी को उनके घर से एक पेन ड्राइव भी मिली है, जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के दामाद डॉ. पुनीत गुप्ता और कांग्रेस से भाजपा में आए मंतूराम पवार के बीच करोड़ों रुपये के लेन-देन की बातचीत है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या इस पेन ड्राइव की भी निष्पक्ष जांच होगी या इसे नजरअंदाज कर दिया जाएगा?
ईडी पर लगाए गंभीर आरोप
पूर्व मुख्यमंत्री ने ईडी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि जांच एजेंसी उन्हें अब तक किसी भी ECIR नंबर की जानकारी नहीं दे पाई है, जो कि कानूनी प्रक्रिया का एक अनिवार्य हिस्सा है। उन्होंने आरोप लगाया कि ईडी पूरी तरह भाजपा के राजनीतिक हथियार के रूप में काम कर रही है और विपक्षी नेताओं को टारगेट कर रही है।
कांग्रेस का भाजपा पर पलटवार
इस पूरे मामले पर कांग्रेस ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी नेताओं ने इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया और आरोप लगाया कि भाजपा केवल विपक्षी नेताओं के खिलाफ ईडी और अन्य एजेंसियों का उपयोग कर रही है, जबकि अपने नेताओं के भ्रष्टाचार पर आंख मूंद लेती है।
राजनीति में मचा घमासान
इस छापेमारी के बाद छत्तीसगढ़ की राजनीति गरमा गई है। बघेल ने अपने समर्थकों का आभार जताते हुए कहा कि, “आपकी एकजुटता और समर्थन मेरी ताकत है। भाजपा और ईडी का यह प्रयास मुझे डराने के लिए है, लेकिन मैं इसका डटकर सामना करूंगा।”
भाजपा और ईडी पर लगाए गए इन आरोपों के बाद यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले दिनों में छत्तीसगढ़ की राजनीति किस दिशा में जाती है। क्या यह मामला चुनावी मुद्दा बनेगा या फिर जांच एजेंसियां आगे कोई और बड़ा कदम उठाएंगी? स्वतंत्र छत्तीसगढ़ इस पर नजर बनाए रखेगा।
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