दुर्ग : 11 मार्च 2025
पुलिस विभाग में अनुशासनहीनता को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए दुर्ग एसपी जितेंद्र शुक्ला ने क्राइम ब्रांच (एसीसीयू) में पदस्थ दो प्रधान आरक्षक और जामुल थाने में पदस्थ एक आरक्षक को निलंबित कर दिया है। सस्पेंशन की अवधि में तीनों पुलिसकर्मियों को पुलिस लाइन अटैच किया गया है।
गांजा केस में संदेहास्पद भूमिका, दो प्रधान आरक्षक सस्पेंड
मिली जानकारी के अनुसार, एसीसीयू टीम ने हाल ही में एक गांजा तस्करी मामले में कार्रवाई की थी, जिसमें प्रधान आरक्षक शगीर अहमद खान और अजय गहलोत की भूमिका संदिग्ध पाई गई। जब इस मामले की शिकायत दुर्ग एसपी से की गई, तो दोनों को नोटिस जारी किया गया। उचित जवाब न देने और मामले में आरोपियों को लाभ पहुंचाने की संदेहास्पद भूमिका के चलते एसपी जितेंद्र शुक्ला ने 11 मार्च को दोनों प्रधान आरक्षकों को निलंबित कर दिया।
महिला से मारपीट के आरोप में जामुल थाने का सिपाही निलंबित
जामुल थाने में पदस्थ सिपाही तरुण देशलहरे को भी दुर्ग एसपी ने 10 मार्च को निलंबित किया है। सस्पेंशन आदेश के अनुसार, 8 मार्च को पायल पिता बलदाऊ (32), निवासी उमरपोटी ने आरोप लगाया कि सिपाही तरुण देशलहरे ने उसके साथ मारपीट की। इस मामले में जामुल थाने में उसके खिलाफ धारा 296, 115(2) और 351(2) के तहत मामला दर्ज किया गया। जांच के बाद सिपाही पर अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए निलंबन का आदेश जारी किया गया।
पुलिस विभाग में अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं – एसपी
इस कार्रवाई को लेकर एसपी जितेंद्र शुक्ला ने स्पष्ट संदेश दिया है कि पुलिस विभाग में किसी भी प्रकार की अनुशासनहीनता या संदिग्ध गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पुलिस की छवि को साफ-सुथरा बनाए रखने और जनता का विश्वास कायम रखने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे।
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