Padmaavat Movie Review: सात साल बाद पर्दे पर फिर लौटी पद्मावत, जानें रिलीज के समय कितनी मिली थी रेटिंग…

रायपुर : 05 मार्च 2025

संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावत ने एक बार फिर से सिनेमाघरों में दस्तक दी है. पहली बार यह फिल्म साल 2018 में सिनेमाघरों ं में रिलीज हुई थी. लंबी विवाद के बाद पद्मावत ने बॉक्स ऑफिस पर धमाकेदार कमाई की थी. संजय लीला भंसाली ने एक बार दिखा दिया है कि बॉलीवुड के ग्रेट शो मैन हैं. किस तरह एक टॉपिक को भव्यता दी जाती है. कैरेक्टर्स को दिल के करीब पहुंचाया जाता है और एक ग्रेट सिनेमा देखने का एहसास पैदा किया जाता है. इसमें वे माहिर हैं. ‘पद्मावत’ ऐसी ही फिल्म है जो फिल्ममेकिंग और फिल्मवॉचिंग की प्रत्येक कसौटी पर खरी उतरती है. अलाउद्दीन खिलजी से लेकर राजा रतन सिंह और पद्मावती सभी इतने मजबूती के साथ सामने आते हैं, जो दिलोदिमाग पर छा जाते हैं. इस तरह संजय लीला भंसाली ने ‘बाजीराव मस्तानी’ के बाद फिर से अपने टैलेंट और डायरेक्शन का लोहा मनवा दिया है.

कहानी की बात
फिल्म की शुरुआत में ही बता दिया गया है कि ‘पद्मावत’ मलिक मुहम्मद जायसी की कहानी पर आधारित है. फिल्म की कहानी में ऐसी कोई बात नहीं है जिससे राजपूती शानोशौकत पर कोई असर पड़े. फिल्म की कहानी राजा रतन सिंह की है. जिसे सिंहल की पद्मावती से इश्क हो जाता है. फिर पद्मावती रानी बनती है लेकिन फिर एक गद्दार आता है और अलाउद्दीन खिलजी को रानी पद्मावती को लेकर भड़का देता है और चित्तौड़ से बदला लेने पर उतर आता है. कहानी बिल्कुल वैसी ही है जैसी हम जानते हैं. अलाउद्दीन और रानी पद्मावती फिल्म में कहीं भी एक फ्रेम में नहीं हैं. कहानी बांधे रखती है और आखिर तक साथ चलती है. संजय की स्टोरीटेलिंग कमाल की है. अलाउद्दीन खिलजी बने रणवीर सिंह फिल्म की जान हैं.  

एक्टिंग के रिंग में
एक्टिंग के मामले में हर कोई कमाल है. रणवीर सिंह ने अलाउद्दीन खिलजी को हमारे सामने जीता-जागता खड़ा कर दिया है. अलाउद्दीन के तौर पर रणवीर की एंट्री देखकर ही मजा आ जाता है, और उनका स्टाइल और किरदार में एनर्जी लगाने की कला को देखकर मुंह से वाह निकल जाता है. वे क्रूर भी लगते हैं, और एक शख्सियत के विभिन्न पहलुओं को पेश करते हैं. शाहिद कपूर ने भी चौंकाया है. उनके फेशियल एक्सप्रेशंस ने राजा रतनसेन के कैरेक्टर में जान डाल दी है. शाहिद कपूर ने जितने जानदार डायलॉग बोले हैं, उतने ही माहिर ढंग से राजपूताना अंदाज को भी पेश किया है. बात पद्मावती की करें तो दीपिका पादुकोण अल्टीमेट हैं. चाहे वे सिंहल द्वीप की शिकार करने वाली मस्तमौला अंदाज पद्मावती हो या चित्तौड़ की रानी सां, वे कमाल हैं. मस्तानी के बाद दीपिका का पद्मावती अंदाज में जेहन में बस जाता है, और जौहर करने के दौरान उनके चेहरे पर आने वाले भाव और तेज वाकई दीपिका के बस की ही बात है. पारंपरिक कैरेक्टर में उनका कोई तोड़ नहीं है.

बातें और भी हैं
पहली बात तो यह है कि फिल्म का विरोध करने वालों को पहले इसे देख लेना चाहिए. राजपूताना शान को बेहतरीन ढंग से दिखाया गया है. शायद उन्हें फिल्म का विरोध करने की अपनी गलती का एहसास हो जाएगा. फिल्म का बजट 180 करोड़ बताया जाता है और 20 करोड़ रु. इसके 3डी और आईमैक्स वर्जन बनाने पर लगे हैं. फिल्म को लेकर जबरदस्त हाइप है और बनी भी शानदार है. इसके लिए 9 फरवरी तक बॉक्स ऑफिस पर कोई बड़ी चुनौती नहीं है. ‘पद्मावत’ को देखने के बाद यही बात जेहन में आती है कि इसको नहीं देखा तो पछताना पड़ेगा.

रेटिंगः 4.5 स्टार
डायरेक्टरः संजय लीला भंसाली
कलाकारः दीपिका पादुकोण, रणवीर सिंह, शाहिद कपूर, रजा मुराद और अदिती राव हैदरी.

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