CM मध्यप्रदेश घड़ियालों को ले जाएंगे ‘नये घर’, चंबल नदी में छोड़कर वन्य जीव संरक्षण का देंगे संदेश…

भोपाल : 17 फरवरी 2025 (एम.पी.डेस्क)

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज (17 फरवरी) मुरैना के दौरे पर रहेंगे। जहां वे कई कार्यक्रमों में शामिल होंगे। इस दौरान सीएम स्व. अटलजी की प्रतिमा का अनावरण करेंगे। साथ ही राजघाट पहुंचकर चंबल नदी में घड़ियालों को छोड़कर वन्य जीव संरक्षण का संदेश देंगे। इस दौरे में वे कराह धाम आश्रम का भ्रमण भी करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सोमवार को मुरैना प्रवास पर रहेंगे। वे मुरैना में पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्व. अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा का अनावरण करेंगे। इस कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव वन्य जीव पर्यटन को बढ़ावा देने के लिये राष्ट्रीय चंबल घड़ियाल अभयारण्य जायेंगे, जहां घड़ियालों को चंबल नदी में छोड़ेंगे।

उन्होंने कहा कि प्रकृति ने मध्यप्रदेश को कई वरदान दिए हैं। सघन वन, वृक्षों की विविधता के साथ ही वन्य-प्राणियों की भी विविधता मध्यप्रदेश में देखने को मिलती है। वनों और वन्य-प्राणियों से मध्यप्रदेश की एक अलग पहचान बनी है। मध्यप्रदेश बाघ, तेंदुआ और घड़ियाल जैसे प्राणियों की सर्वाधिक संख्या वाला प्रदेश है। चीता पुनर्स्थापन करने वाला मध्यप्रदेश एक मात्र प्रदेश है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य को राष्ट्रीय चंबल घड़ियाल वन्य-जीव अभयारण्य के नाम से भी जाना जाता है। पर्यटकों में यह चंबल बोट सफारी के नाम से प्रसिद्ध है। यह तीन राज्यों मध्यप्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के संयुक्त प्रयासों से एक प्रमुख संरक्षण परियोजना है। मध्यप्रदेश में वर्ष 1978 में इसे वन्य-जीव अभयारण्य के रूप में मान्यता दी गई थी। चंबल घड़ियाल वन्य-जीव अभयारण्य का मुख्य उद्देश्य लुप्तप्राय घड़ियाल, लाल मुकुट वाले छत कछुए और लुप्तप्राय गांगेय डॉल्फिन को संरक्षित करना है। यह अभयारण्य लगभग साढ़े पांच वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला हुआ है। पहाड़ियों और रेतीले समुद्र तटों की तरह चंबल नदी के तटों से यह धरती भरी हुई है। यह वन्य-जीव संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत संरक्षित है और इसका मुख्यालय मुरैना में है।

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