बिलासपुर : 02 अक्टूबर 2024(स्वतंत्र छत्तीसगढ़ )
प्रदेश की नई औद्योगिक नीति का ड्राफ्ट तैयार हो गया है। छत्तीसगढ़ भी पड़ोसी राज्यों मप्र व उप्र की तर्ज पर निवेशकों को 30 प्रतिशत तक छूट देने जा रहा है। निवेशकों को आकर्षित करने के लिए रि- इंबर्समेंट पैकेज को भी आकर्षक बनाया गया है। नई नीति में टेक्सटाइल, आईटी, आईटी सर्विसेज, एआई, डिफेंस, फूड प्रोसेसिंग, फार्मास्युटिकल्स और लॉजिस्टिक्स को प्राथमिकता क्षेत्र में रखा गया है। सरकार इनको विशेष पैकेज देगी।
रायपुर और बिलासपुर एयरपोर्ट के पास डिफेंस सेक्टर के लिए जमीन देने और हर जिले में इंडस्ट्रियल पार्क खोलने की भी योजना है। फिलहाल, राज्य में 52 इंडस्ट्रियल पार्क हैं। इसके अलावा स्टील सेक्टर में वैल्यू एडीशन वाले इंजीनियरिंग गुड्स को प्राथमिकता क्षेत्र में रखा गया है। कांग्रेस सरकार के समय पेश नई औद्योगिक नीति 2019-24 में ईवी को प्राथमिकता में रखा गया था। एक बार फिर इसे थ्रस्ट सेक्टर में रखा गया है। इसमें निवेश पर भी 30% तक छूट का प्रावधान रखा गया है।
नई औद्योगिक नीति के ड्राफ्ट को राज्य मंत्रिपरिषद की अगली बैठक में पेश किया जाएगा। कैबिनेट में मंथन और सुधारों के बाद इसे पारित किया जाएगा। बिजली बिल में 12 साल तक शुल्क में छूट : टेक्सटाइल सेक्टर में उद्योग लगाने वाले को व्यावसायिक उत्पादन शुरू करने के दिन से 12 साल तक विद्युत शुल्क में छूट देने की भी तैयारी है। साथ ही भूमि, शेड, भवन की खरीदी पर लगने वाले स्टाम्प शुल्क में भी पूरा छूट मिलेगा। इसके अलावा पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत राशि सरकार देगी।
टेक्सटाइल को शत प्रतिशत अनुदान : राज्य की नई उद्योग नीति में पहली बार टेक्सटाइल सेक्टर को शामिल किया गया है। टेक्सटाइल सेक्टर में निवेश पर सौ फीसदी अनुदान देने की तैयारी है। टेक्सटाइल सेक्टर में नई इंडस्ट्री लगाने और वर्तमान इंडस्ट्री के विस्तार दोनों ही मामले में यह छूट दी जाएगी। प्रोजेक्ट में स्थाई पूंजी निवेश की राशि के 100 फीसदी तक औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन देने की अनुशंसा की गई है।
ये हैं प्राथमिकता क्षेत्र के उद्योग
- टेक्सटाइल, आईटी, आईटी सर्विसेज, एआई, डिफेंस, फूड प्रोसेसिंग
- फार्मास्युटिकल्स और लॉजिस्टिक्स को भी थ्रस्ट एरिया में रखा गया है
- स्टील सेक्टर में वैल्यू एडिशन इंजीनियरिंग गुड्स इंडस्ट्री पर ज्यादा जोर
एंकर उद्योगों में निवेश पर 110% अनुदान ऐसे बड़े एंकर उद्योग जिनका निवेश 200 करोड़ से अधिक होगा। उनको स्थाई पूंजी निवेश का 5 फीसदी अधिक अनुदान दिया जाएगा। इसकी अधिकतम सीमा कुल स्थाई पूंजी निवेश के 110 फीसदी तक होगा। बड़े निवेशकों के लिए कस्टमाइज प्लान सरकार बड़े निवेशकों को लुभाने के लिए कस्टमाइज प्लान भी बनाएगी। राज्य के हित और निवेश के अमाउंट के आधार पर कस्टमाइज प्लान में छूट और सुविधाएं दी जाएंगी। हालांकि, अंतिम निर्णय राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में होगा।
कैपिटल कैप की सीलिंग समाप्त होगी नई नीति में कैपिटल कैप की सीलिंग को समाप्त करने की योजना है। इसके अलावा कैपिटल सीलिंग के दो से तीन स्लैब बनाए जा सकते हैं। छोटे-बड़े निवेशकों को समानुपातिक छूट देने का विचार है। सैद्धांतिक रूप से इस पर सहमति बनी है, लेकिन कैबिनेट की मंजूरी के बाद ही लागू होगा। दरअसल, सरकार दूसरे राज्यों की तर्ज पर प्रदेश की औद्योगिक नीति में छोटे- बड़े उद्योगों को एक समान छूट देने की योजना पर काम कर रही है।
सिंगल विंडो सिस्टम 2.0 लाॅन्च, नई उद्योग नीति 1 नवंबर से लागू हो जाएगी
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सिंगल विंडो सिस्टम 2.0 लाॅन्च की गई, इससे नए उद्योग शुरू करने वाले व्यापारियों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। राज्य में 1 नवंबर 2024 से नई उद्योग नीति लागू हो जाएगी। उद्यमियों के सहूलियत को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में नई नीति तैयार की जा रही है।-
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