बलौदाबाजार हिंसा:पुलिस सुबह पहुंची, 11 घंटे बाद विधायक गिरफ्तार…

भिलाई: 18 अगस्त 2024 (स्वतंत्र छत्तीसगढ़ )

बलौदाबाजार हिंसा मामले में भिलाई नगर विधायक देवेंद्र यादव के निवास पर शनिवार को दिनभर हाईवोल्टेज सियासी ड्रामा चला। पुलिस सुबह पहुंची ​थी। उसके 11 घंटे बाद शाम को पुलिस ने विधायक को गिरफ्तार किया। इस दौरान पुलिस की समर्थकों से भी झड़प हुई। गिरफ्तारी से पहले विधायक सफेद झंडा और संविधान पकड़कर जोश में लड़ेंगे-लड़ेंगे कहते दिखे।

11 घंटे बाद गिरफ्तारी को लेकर लोक अभियोजक बाल मुकुंद चंद्राकर का कहना है कि अग्रिम जमानत के लिए आवेदन तभी लगाया जा सकता है। जब संबंधित व्यक्ति को अपनी गिरफ्तारी की आशंका हो। विधायक की गिरफ्तारी के प्रकरण में सुबह से ही ड्रामा चला। बलौदाबाजार पुलिस सुबह पहुंच गई थी। लेकिन उसकी ओर से पूछताछ दोपहर बाद करीब 2 बजे के बाद शुरू की गई। दिनभर कांग्रेस के जिला पदाधिकारी और समर्थक इसी पशोपेश में रहे विधायक की गिरफ्तारी होगी या नहीं।

दरअसल, 10 जून को बलौदा बाजार में हिंसा और आगजनी मामले की जांच में पुलिस को प्रदर्शन के दौरान विधायक यादव के शामिल होने के सबूत मिले। एक भड़काऊ भाषण का वीडियो भी मिला। इसी के बाद प्रदर्शनकारियों ने हिंसा और आगजनी की घटनाओं को अंजाम दिया, जिसमें शहर और संयुक्त जिला कार्यालय परिसर में मौजूद गाड़ियों को आग लगा दी गई। इस मामले में पुलिस ने धारा 120बी, 147 समेत अन्य धाराओं में कार्रवाई की। इससे पहले विधायक को जैसे ही पुलिस के आने की खबर मिली, उन्होंने समर्थकों तक बात पहुंचाने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया।

रात 10 बजे कोर्ट में पेशी, समर्थकों का हंगामा जारी रहा
गिरफ्तारी के बाद यादव को बलौदाबाजार के आजाक थाने लाया गया। इस दौरान जिला एवं सत्र न्यायालय और पुलिस कंट्रोल रूम के सामने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए। उन्हें रात 10 बजे कोर्ट में पेश किया गया। इस बीच उनके समर्थक कार्रवाई के विरोध में हंगामा करते रहे।

हाई वोल्टेज ड्रामा, पीसीसी चीफ पहुंचे
प्रकरण में बलौदाबाजार बाजार पुलिस ने बड़े ही नाटकीय तरीके से विधायक की गिरफ्तारी की। हिंसा में विधायक की संलिप्तता सामने आने के बाद पुलिस विधायक को लगातार नोटिस भेजती रही। पुलिस ने देवेंद्र को 8, 16 और 18 जुलाई को नोटिस भेजा था। चौथी बार नोटिस 16 अगस्त को जारी होने के बाद विधायक ने बयान देने जाने से मना किया।

उन्होंने कहा था कि पुलिस को जो भी बयान लेना है, उनके पास आए। तब शनिवार सुबह करीब 7 बजे बलौदाबाजार के अतिरिक्ति एसपी अभिषेक सिंह के नेतृत्व में टीम विधायक के घर पहुंची। पुलिस के पहुंचने की सूचना पर विधायक समर्थकों की भीड़ जुट गई। इस पर दुर्ग पुलिस से और बल बुलाया गया। दोपहर बाद पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज भी उनके निवास पहुंचे। इसके बाद ही एएसपी सिंह विधायक यादव से पूछताछ करने पहुंचे। करीब तीन घंटे तक पूछताछ के बाद शाम करीब 6 बजे टीम विधायक को ले गई।

सतनामी समाज के युवकों से जबरन बयान दिलवाए जा रहे: विधायक
विधायक ने भाजपा सरकार पर आरोप लगाया कि जेल में बंद सतनामी समाज के युवाओं को मेरे खिलाफ जबरन बयान देने के लिए धमकाया जा रहा है। वहीं, पीसीसी चीफ दीपक बैज ने भी कहा कि यादव को फंसाया गया है। कांग्रेस झूठे आरोपों के खिलाफ लगातार लड़ाई लड़ती रहेगी।

पुलिस की कार्रवाई दुर्भावनापूर्ण: पूर्व सीएम
पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने कहा कि पुलिस की कार्रवाई दुर्भावनापूर्ण है। भाजपा नेता सनम जांगड़े की भूमिका पूरे कार्यक्रम में रही। इसके बावजूद उन पर कार्रवाई नहीं की गई। इस मामले में देवेंद्र यादव की कोई भूमिका नहीं थी। फिर भी गिरफ्तार किया।

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